आईएमए से जुड़े प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों ने डीएम कार्यालय पर दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने आरटीएच बिल का विरोध जताया। कलक्ट्रेट पहुंचकर राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र डीएम अरविंद मल्प्पा बंगारी को सौंपा। तत्काल इस बिल को वापस लिए जाने की मांग उठाई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. ललिता माहेश्वरी के साथ डॉक्टर मंगलवार को डीएम कार्यालय पर पहुंचे और आरटीएच बिल का विरोध किया। डॉ. ललिता ने कहा कि राजस्थान सरकार ने चिकित्सकों के खिलाफ असंवैधानिक आरटीएच बिल 2023 पारित कर दिया है। यह कानून निजी क्षेत्र में भी आपात स्थिति के दौरान सभी को मुफ्त इलाज का प्रावधान करता है। इसके तहत सभी चिकित्सकों को हर इमरजेंसी मरीज 24 घंटे देखने होंगे।
उन्हें दवा, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफर के दौरान एंबुलेंस सुविधा भी मुफ्त में मुहैया करानी होगी। बाद में सरकार अपने तय रेट के मुताबिक भुगतान करेगी। ऐसे में यह बिल स्वीकार नहीं है। बिल के विरोध में डॉक्टरों ने सोमवार को हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध किया था। राजस्थान के भी सभी चिकित्सक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मौके पर डॉ. गजराज सिंह, डॉ. प्रदीप, डॉ. ईश्वर चंद्रा समेत आईएमए से जुड़े कई चिकित्सक मौजूद रहे।