मुजफ्फरनगर। भाकियू कार्यालय के सामने की जमीन पर विवाद जारी है। करीब 156 गज जमीन को बुढ़ाना के पूर्व प्रमुख विनोद मलिक ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ट्रस्ट के नाम कर दिया। जमीन पर दीवार बनाने के दौरान सूचना पर पुलिस पहुंची। इस पर भाकियू कार्यकर्ता एकत्र हो गए और बैनामा दिखाया। पूर्व प्रमुख विनोद मलिक ने भी पुलिस को जमीन ट्रस्ट के नाम करने की बात कही। कई घंटे तक किसान यहां पर मौजूद रहे जबकि दूसरे पक्ष का दावा है कि हाईकोर्ट से उनके पास स्टे है।
महावीर चौक स्थित भाकियू कार्यालय के सामने करीब 385 गज जमीन के कुछ हिस्से को लेकर कोर्ट में वाद विचाराधीन है। पिछले दिनों बुढ़ाना के पूर्व प्रमुख विनोद मलिक और शहर के उद्यमी आलोक स्वरूप के बीच भी विवाद हो गया था। पूर्व प्रमुख ने करीब 15 दिन पहले 156 गज जमीन चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ट्रस्ट के नाम कर दी। सोमवार को भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा और अन्य कार्यकर्ता सोमवार को ट्रस्ट की जमीन पर चहारदीवारी बनवा रहे थे, इस बीच दूसरे पक्ष ने पुलिस-प्रशासन को जानकारी दी।
सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। पूर्व प्रमुख ने बताया कि जिस जमीन पर विवाद है, उसे नहीं छेड़ा गया है। अपने हिस्से की जमीन को ट्रस्ट के नाम किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को बैनामा भी सौंपा। भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि जितनी जमीन का बैनामा था, ट्रस्ट ने उतनी पर ही चहारदीवारी कराई है। पुलिस प्रशासन को संबंधित प्रमाण दिए गए हैं। उधर, पक्ष के अनिल स्वरूप का कहना है कि जमीन पर कोर्ट से स्टे है। इसकी प्रति अधिकारियों को दी गई है।
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