मुजफ्फरनगर। झांसी रानी स्थित सनातन धर्म सभा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक सुधाकर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। गोवर्धन पर्वत को अंगुली पर उठाने की लीला को सुनकर श्रद्धालु आनंदित हुए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने ग्रामीणों को समझाया कि उन्हें इंद्र की नहीं, बल्कि अपने कर्म, गोमाता और गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए। वही उन्हें सीधा लाभ देते हैं। सभी ब्रजवासी श्रीकृष्ण की बात मानकर गौ माता और गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं और वहां भोग अर्पित करते हैं। यह देख इंद्र देव अत्यंत क्रोधित हो जाते हैं। वर्षा न होने से अन्न संकट बढ़ता है। भगवान श्रीकृष्ण छोटे से रूप में अपनी छोटी उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत उठा लेते हैं। प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे और भजन गाए। इससे परिसर गूंज उठा। कथा में मुख्य यजमान पूर्व चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल, एसपी सिटी क्राइम इंदू सिद्धार्थ, देवेंद्र कश्यप, प्रदीप गोयल, राजीव वर्मा, विनोद धीमान, देवेंद्र कुमार शर्मा, अतुल गुप्ता, आदि मौजूद रहे।