काली नदी मेंप्रदूषण के विरोध में किया प्रदर्शन
खतौली। काली नदी में फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने तहसील में पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम सहित तहसीलदार को अपने बीच बैठा लिया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि इस नदी के किनारे डबल, समौली, रतनपुरी, जीवना, मंडावली, भनवाड़ा, मोमन, फरीदपुर आदि दर्जनों गांव पड़ते हैं। इन गांवों में रहने वाले ग्रामीण कैंसर, दाद, खुजली सहित अन्य बीमारियों की चपेट में है। काफी लोग बीमारी के कारण मर चुके हैं। उन्होंने बताया कि काली नदी में पहले गंगनहर का पानी छोड़ा हुआ था, जिस कारण काली नदी का पानी दूषित नहीं होता था, लेकिन अब कई सालों से गंगनहर का पानी इसमें नही छोड़ा जा रहा है। इसलिए फैक्ट्रियों से छोड़ा जा रहा है। केमिकल युक्त पानी ने नदी का पानी प्रदूषित कर दिया है।
ग्रामीणों ने जिन फैक्ट्रियों ने दूषित पानी छोड़ा है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने के साथ ही काली नदी में गंगनहर का पानी छोड़े जाने की मांग की है। धरना-प्रदर्शन करने वालों में आदेश, मोंटी, गौतम सिंह, सूरजमल सिंह, पवन, राजन, आदेश, हरिओम, मोनू, विक्रम, टोनी, मोनू, प्रेमपाल, अमित, चंद्रपाल सिंह आदि शामिल रहे। एसडीएम जीत सिंह राय ने बताया कि काली नदी की सफाई कराने के लिए ग्रामीण आए थे। प्रदूषण एवं सिंचाई विभाग के साथ बैठक कर प्रस्ताव भेजा जाएगा।