नागल से लापता युवक का शव देवबंद से बरामद
देवबंद/तलहेडी बुजुर्ग। नैनसोब गांव से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए 30 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव शनिवार की सुबह साखन नहर स्थित गन्ने के खेत से बरामद हुआ। घटना के विरोध में मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। लोग घटना का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजने और मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग पर अड़े थे।
शनिवार की सुबह साखन गांव निवासी सुशील शर्मा के गन्ने के खेत में मजदूर ईख की बंधाई का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान मजदूरों की निगाह एक क्षत-विक्षत शव पर पड़ी। जिसकी सूचना मजदूरों ने खेत मालिक को दी। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही एसडीएम दीपक कुमार, एसपी देहात सूरज राय, सीओ रामकरन सिंह और कोतवाल प्रभाकर केंतुरा भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। मृतक की शिनाख्त मोनू कुमार (30) पुत्र तेल्लूराम निवासी नैनसोब (नागल) के रूप में हुई। वहीं मृतक मोनू के परिजनों को जैसे ही सूचना मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। इसी दौरान भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे और हत्या की आशंका जताते हुए वारदात का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजने तथा मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की लेकर हंगामा करने लगे। अधिकारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिलाया। जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया।
जन्माष्टमी का सामान लाने की बात कहकर घर से निकला था मृतक मोनू
देवबंद। नागल थाने में लापता मोनू की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस उसका सुराग में जुटी थी। बृहस्पतिवार की देर शाम पुलिस को गांगनौली व तांशीपुर के जंगल से उसकी बाइक बरामद हुई। मृतक मोनू की पत्नी सुनीता नागल ब्लाक में आंगनबाड़ी कार्यकत्री है। सुनीता ने रोते बिलखते बताया कि 18 अगस्त की सुबह उसका पति मोनू जन्माष्टमी का सामान लेने के लिए घर से निकला था। दोपहर करीब एक बजे उनकी फोन द्वारा मोनू से बात हुई थी। जिसमें मोनू ने बताया था कि वह देवबंद जा रहा है। लेकिन उसके बाद फोन का स्वीच ऑफ हो गया। जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक मोनू पांच बहन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। मोनू की मौत से जहां उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, उसके पैतृक गांव नैनसोब में मातम पसरा है। वहीं, दोपहर बाद घटनास्थल पर एसओजी, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीमों ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
घटना के सभी बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस
18 अगस्त की शाम को नागल थाने पर मृतक मोनू के परिजनों ने तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। घटना के खुलासे को थाना पुलिस और एसओजी समेत कई टीमों का गठन किया गया है। घटना के सभी बिंदुओं पर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। वारदात का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। -रामकरन सिंह, सीओ देवबंद
साखन गांव के समीप युवक का शव मिलने के बाद विरोध स्वरूप हंगामा करते ग्रामीण व भीम आर्मी कार्यकर्ता- फोटो : DEVBAND
साखन के जंगल में शव मिलने के बाद हंगामे के चलते मौके पर एकत्र पुलिस बल- फोटो : DEVBAND