युधिष्ठिर को न्यायालय में पेश करने ले जाती पुलिस।
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महिमा आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपी युधिष्ठिर को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। क्राइम ब्रांच और मंडी कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर रात आरोपी को पचेंडा पुलिया से गिरफ्तार किया था। मृतका के पिता देवप्रकाश को भी पुलिस ने रात में उसके अंकित विहार आवास पर पहुंचकर दादा रामस्वरूप की सुपुर्दगी में दे दिया।
पिता देवप्रकाश और भाई अक्षय को बंधक बनाने एवं मां-बेटी को धमकी देने के प्रकरण में 16 फरवरी को व्यथित महिमा विश्वकर्मा ने अंकित विहार आवास पर पंखे में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा की आत्महत्या पर जन आक्रोश बढ़ने के बाद 17 फरवरी को एसएसपी बबलू कुमार ने नई मंडी कोतवाली में युधिष्ठिर, अर्जुन, विनोद पहलवान, डॉ. डबास और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। समाज में महिमा आत्महत्या को लेकर भड़के आक्रोश के बाद पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था।
मामले की जांच नईमंडी कोतवाली पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। एसपी क्राइम आदित्य वर्मा के निर्देशन में मां संजू देवी, भाई अक्षय, अरुण गुर्जर, मामा ऋषिपाल, निशा आदि के बयान विवेचक विपिन कुमार ने लिए थे। जांच में पिता-पुत्र को बंधक बनाने और मां-बेटी को धमकाने के मामले में मुख्य आरोपी युधिष्ठिर की भूमिका मिली। सीओ मंडी एवं ट्रेनी आईपीएस मणीलाल पाटीदार के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पंचेडा और लच्छेड़ा गांव में दबिश दी थी, लेकिन आरोपी पकड़े नहीं जा सके।
पुलिस की बढ़ती फजीहत के बाद मंगलवार रात पचेंडा पुलिया से कहीं जाने की फिराक में खड़े आरोपी युधिष्ठिर पहलवान को एसआई मनोज कुमार और क्राइम ब्रांच टीम ने गिरफ्तार कर लिया। देर रात आरोपी को मंडी कोतवाली में रखा गया। मृतका महिमा के पिता देव प्रकाश को भी पुलिस ने बरामद कर अंकित विहार स्थित आवास पर पहुंचा दिया। दादा रामस्वरूप से लिखित में सुुपुर्दगी ली गई। बुधवार को पुलिस ने आरोपी युधिष्ठिर एसीजेएम-प्रथम की कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 15 मार्च तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने घटना के 13 दिन बाद आरोपी की गिरफ्तारी की है।