मजदूर की लाश मिलने पर पूछताछ करती पुलिस।
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पांच दिन से गायब चल रहे मजदूर का शव शहर के बीच नाले में मिला। शव देख लोगों में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बाद में मृतक के परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर चक्की स्वामी पर हत्या का आरोप लगाया।
शहर कोतवाली क्षेत्र में रामपुरी के शाहबुदीनपुर रोड निवासी पप्पू (40) पुत्र सुरेंद्र मोहल्ले की चक्की पर काम करता था। परिजनों के अनुसार पप्पू मंगलवार शाम चक्की पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन बाद मेें घर वापस नहीं आया। रविवार दोपहर लद्दावाला में राहगीरों को नाले से बदबू महसूस हुई। देखने पर पाया कि वहां पर एक बोरी में कुछ है।
लोगों ने बोरी को बाहर निकलवाकर पुलिस को बुलाया। बोरी का मुंह खोला गया तो उसमें से सिर कटी लाश निकली। उस समय शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बाद में रामपुरी से पहुंचे मृतकों के परिजनों ने शव की शिनाख्त पप्पू के रूप में की। परिजनों ने चक्की स्वामी पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया है।
दोनों पक्षों के काफी लोगों की भीड़ शहर कोतवाली में जुट गई। आरोपी पक्ष का कहना है कि मृतक मंगलवार को चक्की पर आया जरुर था, लेकिन रात में ही 11 बजे वापिस चला गया था। कोतवाल पीपी सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष की तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कर दी जाएगी।
सीओ और दरोगा पर लापरवाही का आरोप
मुजफ्फरनगर। मृतक पप्पू के परिजनों ने बताया कि वह बुधवार से ही पुलिस से उसकी तलाश की गुहार लगा रहे थे। अनहोनी की आशंका जताई थी। कोतवाली के दरोगा पर आरोप लगाया कि उसने पीड़ित पक्ष को धमकाया था। पीड़ित पक्ष इसके बाद सीओ सिटी के पास गए और मृतक की तलाश की गुहार लगाई। बताया कि सीओ डॉ तेजवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और पीड़ित पक्ष को रोजाना टरकाते रहे। सही समय पर पुलिस कार्रवाई कर देती तो शायद पप्पू की जान बच जाती।