मुजफ्फरनगर। साकेत कॉलोनी स्थित गंगल वाली गली में रह रही महिला सिपाही बुधवार दोपहर खुद फांसी के फंदे पर झूल गई। उसकी लाश दूसरी मंजिल पर आंगन में डाले गए झूूले की रस्सी से लटकी मिली। महिला सिपाही के पति की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएसपी व एसपी सिटी ने भी मौके पर पहुंचकर मौका-मुआयना करते हुए फोरेंसिक टीम से घटनास्थल की जांच कराने के निर्देश दिए।
साकेत कॉलोनी स्थित गंगल वाली गली निवासी रिटायर दरोगा राजेंद्र प्रसाद रस्तोगी के घर में महिला सिपाही अनीता सिंह किराये पर रहती थी। मूल रूप से अलीगढ़ जिले के इगलास क्षेत्र के गांव नंगला दयाल निवासी अनीता सिंह पुत्री भूदेव प्रसाद पुलिस विभाग में 2016 बैच की सिपाही थी। उसकी पहली पोस्टिंग यहां शहर कोतवाली में थी, जिसके बाद से वह हाल तक यहीं तैनात थी।
अनीता सिंह की शादी 23 नवंबर 2017 को हाथरस के गांव दुलहाई निवासी शिवांक पुत्र मंगल सिंह बघेल से हुई थी, जो गाजियाबाद रेलवे में ट्रैक मैन पद पर कार्यरत है। तीन दिन पूर्व ही पति अनीता से मिलने आया था।
बुधवार दोपहर 12 बजे से अनीता सिंह की ड्यूटी शहर कोतवाली क्षेत्र में जैन समाज के जुलूस में लगी हुई थी।
ड्यूटी पर जाने से पहले उसने सुबह करीब 11 बजे भोजन बनाया। खाना खाने के बाद वह ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार होने लगी। दोपहर करीब 12.10 बजे महिला सिपाही ने पति शिवांक को पुलिस ऑफिस भेजकर वहां एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के ऑफिस में होने या न होने की जानकारी देने के बारे में कहा, जिस पर उसका पति घर से निकल गया। करीब 12.30 बजे शिवांक ने पुलिस ऑफिस पहुंचकर एसएसपी के उनके ऑफिस में होने की जानकारी देने के लिए अनीता सिंह को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। कॉल रिसीव नहीं होने पर वह घर लौट आया।
शिवांक के मुताबिक जब वह घर पहुंचा तो पत्नी अनीता सिंह की लाश दूसरी मंजिल पर आंगन में झूले की रस्सी से लटकी हुई थी। पत्नी की लाश देख वह हतप्रभ रह गया। शिवांक ने मकान मालिक रिटायर दरोगा राजेंद्र प्रसाद रस्तोगी को घटना की जानकारी दी। महिला सिपाही द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सिविल लाइंस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर डीके त्यागी मौके पर पहुंचे और मकान मालिक व सिपाही के पति से घटना की जानकारी ली।
सूचना पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह, एसपी सिटी ओमवीर सिंह व सीओ सिटी हरीश भदौरिया भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मौका-मुआयना कर थाना पुलिस से एफएसएल टीम से मौके की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद अनीता सिंह के परिजनों को घटना से अवगत कराते हुए लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सीओ सिटी हरीश भदौरिया ने बताया कि पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
आखिर चंदमिनटों में उजड़ गई जिंदगी
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली में तैनात महिला सिपाही अनीता सिंह की सुसाइड अनेक अनसुलझे सवाल छोड़ गई है। पोस्टिंग के दो साल और शादी का महज एक साल भी पूरा नहीं करने वाली अनीता सिंह की मौत से परिवार सदमे में है। वहीं, शहर कोतवाली के साथी पुलिसकर्मी भी गमगीन हैं। पुलिस विभाग में वर्ष 2016 बैच की महिला आरक्षी अनीता सिंह पुत्री भूदेव प्रसाद निवासी नंगला दयाल अलीगढ़ को पहली ही पोस्टिंग शहर कोतवाली में मिली थी।
साथी पुलिसकर्मियों विजय चौधरी, नरेशपाल व विशाल के अनुसार अनीता मृदुभाषी थी। ड्यूटी के प्रति हमेशा जिम्मेदार रहने वाली अनीता ने पोस्टिंग होने के बाद करीब डेढ़ साल पूर्व साकेत कॉलोनी निवासी रिटायर्ड दरोगा राजेंद्र प्रसाद रस्तोगी के मकान की दूसरी मंजिल पर कमरा किराए पर लिया था। 23 नवंबर 2017 को शिवांक से शादी होने के बाद भी अनीता इसी मकान में रहती रही, जबकि उसका पति गाजियाबाद से एक पखवाड़े में दो-तीन दिन के लिए यहां आ जाता था।
अनीता अब अपना ट्रांसफर गाजियाबाद ही कराने के लिए प्रयासरत थीं। पति शिवांक का कहना है कि अनीता का ट्रांसफर हो चुका था और रिलीविंग की डेट फिक्स कराने के लिए वह एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से मिलना चाहती थी। इसीलिए उसने बुधवार दोपहर को उसेे पुलिस ऑफिस यह देखने के लिए भेजा था कि एसएसपी ऑफिस में मौजूद हैं अथवा नहीं। इसी दौरान उसने फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी। इसकी वजह कोई भी समझ नहीं पा रहा है कि आखिर उन चंद मिनटों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि अनीता को जान देनेे जैसा दुस्साहसिक कदम उठना पड़ा।