रेलवे स्टेशन के रिजर्व यार्ड में खड़े कोच टावर वैगन की बदमाशों ने खिड़कियां तोड़कर रेलवे का ओएचई वायर समेत हजारों का माल साफ कर दिया। शुक्रवार खिड़की टूटी देख अधिकारियों को घटना की जानकारी हुई। सूचना पाकर आरपीएफ और रेलवे इंजीनियरों ने मौका मुआयना किया।
तत्काल स्थानीय पुलिस, रेलवे अधिकारियों ने डॉग स्क्वॉड की मदद से छानबीन की तो वायर झाड़ियों के बीच से बरामद कर लिया गया। चोरी के मामले में स्टेशन पर घूमने वाले तीन संदिग्ध लोगों को दबोचा गया, लेकिन डॉग स्क्वॉड इनकी पहचान नहीं कर सका।
दिल्ली-सहारनपुर वाया मेरठ रेलवे मंडल के लिए मुजफ्फरनगर स्टेशन टॉवर वैगन खड़ा है। वैगन में रेलवे इंजीनियरों ने अतिरिक्त रूप से ओएचई वायर, जंपर, ड्रोपर आदि सामान रखा हुआ है। यह सामान रेलवे लाइन पर इमरजेंसी सेवा के लिए रिजर्व है। बृहस्पतिवार की रात को बदमाशों ने यार्ड में खड़े टॉवर वैगन की खिड़कियां तोड़कर 50 मीटर ओएचई वायर, दो जंपर, 8 ड्रोपर चोरी कर लिए। शुक्रवार सुबह वैगन पर कर्मचारी पहुंचे तो खिड़कियां टूटी मिली।
सूचना पाकर मौके पर रेलवे इंजीनियर और आरपीएफ के जवान पहुंच गए। चोरी की सूचना एसपी सिटी ओमबीर सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद डॉग स्क्वॉड बुलाकर जांच की गई। डॉग स्क्वॉड सूंघता हुआ जानसठ ओवरब्रिज के नीचे झाड़ियों तक पहुंच गया।
अधिकारियों ने झाड़ियां हटवाई तो वहां ओएचई वायर पड़ा मिला, जिसे अधिकारियों ने एकत्र कर बरामद किया, जबकि अन्य सामान बरामद नहीं हो सका है। उधर, रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने तीन संदिग्ध युवकों को दबोच लिया। डॉग स्क्वॉड के माध्यम से इनकी जांच की गई तो कोई नतीजा नहीं मिला है। घटना को आरपीएफ थाने के साथ सिविल लाइन में भी चोरी की तहरीर दी गई है।
शताब्दी पर बरसाए पत्थर, यात्रियों में दहशत
शताब्दी एक्सप्रेस पर लगातार तीन दिनों से अज्ञात हमलावर पत्थर बरसा रहे हैं, जिससे ट्रेन के शीशे टूटकर यात्रियों को लग रहे हैं। इससे यात्रियों में दहशत है। इस मामले को लेकर आरपीएफ ने छानबीन की तो रेशू विहार और जानसठ ओवरब्रिज के बीच के क्षेत्र में घटना को अंजाम दिया जा रहा है। शुक्रवार को आरपीएफ की ओर से अज्ञात में पत्थरबाजों के विरुद्ध सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
देहरादून से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (12018) का मुजफ्फरनगर आगमन रात्रि 8:31 बजे है, जबकि दो मिनट का स्टॉपेज होने के बाद ट्रेन आगेे के लिए 8:33 बजे प्रस्थान करती है। शताब्दी एक्सप्रेस पर मंगलवार से ही रात से पत्थर फेंके जा रहे हैं। रेशू विहार रेलवे फाटक और जानसठ ओवरब्रिज के बीच कुछ हमलावर रेलवे लाइन के किनारे से पत्थर फेंक रहे हैं। ट्रेन पर यह हमले दोनों साइड से किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों में दहशत है।
पहले दिन की घटना को आरपीएफ ने गंभीरता से नहीं लिया। उसके बाद बुधवार और बृहस्पतिवार रात में भी इन्हीं क्षेत्रों में ट्रेन पर पत्थर बरसाए गए, जिसमें कई यात्री चोटिल हुए हैं। ट्रेन के गार्ड स्टॉफ ने मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर इस बाबत शिकायत दर्ज कराई। इस पर आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा ने मय फोर्स के जांच-पड़ताल की। बृहस्पतिवार को ट्रेन के गार्डों और कोच में तैनात जवानों से पूछताछ के बाद लगातार पत्थर फेंके जाने की पुष्टि हुई है।
शुक्रवार को आरपीएफ की एएसआई नीना की ओर से अज्ञात में पत्थरबाजों के खिलाफ ट्रेन को क्षति पहुंचाने और यात्रियों को घायल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में लगी है। आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा ने बताया कि ट्रेन पर पत्थर फेंकने वालों की जांच जारी है। पत्थर फेंकने वाले शरारती तत्वों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।