खतौली। एमटेक की छात्रा शुक्रवार को बहादराबाद थाने में पहुंचकर पुलिस के साथ कोर्ट में बयान देकर मामले में नया मोड़ ला दिया। छात्रा ने अपने दिए गए बयान में जैन मुनि उपाध्याय नयन सागर महाराज को क्लीनचिट देने के बाद अकेली कहीं निकल गई। आखिरकार छात्रा किस वजह से परिजनों से नाराज है यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। बेटी के घर नहीं पहुंचने पर शनिवार को पिता व चाचा उसको तलाश करने के लिए बहादराबाद थाने में पहुंचे। परिजनों का कहना है कि बहादराबाद पुलिस ने उनसे सीधे माथे बातचीत तक नहीं की।
छात्रा के पिता और चाचा ने शनिवार को अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले। प्रतिष्ठान बंद करके पिता व चाचा बेटी को तलाश करने के लिए सुबह बहादराबाद थाने पहुंचने के लिए निकल गए। छात्रा के चाचा ने बताया कि उन्होंने पुलिस से बेटी के बारे में पूछा कि वह किसके साथ थाने में पहुंची थी। उनकी बेटी के साथ ऐसा क्या हुआ था और उसका अपहरण करके जैन मुनि ने उसे कहा रखा था।
चाचा का कहना है कि बहादराबाद पुलिस ने इस बारे में बताना तो दूर, सीधे माथे बातचीत तक नहीं की, जिससे पिता व चाचा मायूस होकर सीधे कोर्ट में पहुंचे। वकील से मिलकर कोर्ट में बेटी द्वारा दिए गए बयानों की नकल लेने के लिए आवेदन डाला। कोर्ट से उनको बयानों की नकल नहीं मिल सकी है। कोर्ट से पता चला कि नकल मिलने में चार पांच दिन का समय लगेगा। कोर्ट से नकल नहीं मिलने पर पिता व चाचा वापस घर लौट आए।
बेटी को दबाव में लेकर बयान कराए
खतौली। परिजनों का आरोप है कि कि बेटी को दबाव में लेकर कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। बेटी अपने परिजनों से भी बातचीत करने तथा घर वापस जाने की धमकी दी गई है। परिजनों का कहना है कि बेटी की घर वापसी को लेकर वे समाज के लोगों से बातचीत करेंगे। समाज से बेटी को घर वापस लाने के लिए सहयोग मांगा जाएगा।
जैन मुनि ने 2013 में किया था चातुर्मास
खतौली। नगर के जैन मंदिर में जैन मुनि उपाध्याय नयन सागर महाराज ने सन 2013 में चातुर्मास किया था। इसके लिए वे कभी एक सप्ताह, कभी आठ दिन तथा कभी कभार 4 व 5 दिन मंदिर में प्रवास करने के लिए आए हैं। जैन मुनि का अंतिम विहार 14 जून 2018 को हुआ। नगर से विहार करके वे वहलना मंदिर में चले गए थे।