घासीपुरा में पड़े तीनों युवकों के शव।
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घासीपुरा में मारे गए तीन बदमाशों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सीने के बाई और सटाकर मारी गई एक-एक गोली को माना गया है। मृतकों के प्रिजर्व बिसरे को आगरा लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। घटना की जांच के लिए लखनऊ से एफएसएल टीम मंगलवार को मंसूरपुर आएगी।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव घासीपुरा में संदिग्ध हालातों में मारे गए बागपत के सचिन और दीपक राठी तथा शामली के गौरव श्योरान की पीएम रिपोर्ट में मौत का कोई खास राज सामने नहीं आया है। बुधवार में आधी रात के बाद पुलिस फोर्स की घेराबंदी में तीनों युवकों ने खुद को गोली मार ली थी। पुलिस की ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई थी। जांच के बाद पुलिस को तीनों का आपराधिक रिकार्ड मिल गया था। हालांकि घटना को लेकर पुलिस अफसरों को विरोध झेलना पड़ा था।
पीएम रिपोर्ट में मृतकों की मौत की वजह सीने के बाई ओर लगी एक-एक गोली को माना गया है। प्रिजर्व बिसरा जांच के लिए आगरा लैब में भेजे जाने की तैयारी है। घासीपुरा गांव की बस्ती के बाहरी छोर पर बने एक मकान में यह वारदात हुई थी। फिलहाल मकान पुलिस ने सील कर रखा है। मौके पर निगरानी के लिए फोर्स की तैनाती की गई है। 11 सितंबर को ही मृतकों ने इस मकान में एक कमरा किराए पर लिया था। मंसूरपुर के जिस नीरज ने यह कमरा दिलाया था, वह घटना के बाद से फरार है।
पुलिस पांच दिन बीत जाने के बाद भी उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मकान में किराएदार एक महिला संगीता को पुलिस ने पूछताछ के लिए कई दिन तक थाने में बैठाए रखा। अब उसके किसी दूसरी जगह पर रहने की व्यवस्था कर दी गई है। एसएसपी दीपक कुमार के पत्र के बाद लखनऊ से एफएसएल की टीम पहले सोमवार को जांच के लिए आनी थी, लेकिन अब एक दिन बाद 27 सितंबर मंगलवार को यह टीम डॉक्टर खान के नेतृत्व में मंसूरपुर आएगी। टीम में फोरेंसिक, बेलेस्टिक, कैमिकल एक्सपर्ट घासीपुरा के घटनास्थल की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
पूरे मामले पर पुलिस अफसरों की निगाहें टिकी है। मंसूरपुर कोतवाल अमरीश सिंह बघेल को माहौल के मद्देनजर छुट्टी पर भेज दिया गया है, जबकि कार्यवाहक एसओ बनाए गए जसवीर सिंह सिरोही मारे गए युवकों की क्षेत्र में आवाजाही और गतिविधियों की जांच में जुटे हैं। सवाल यह भी है कि बागपत और शामली को छोड़कर सचिन, दीपक और गौरव ने घासीपुरा में कमरा किराए पर क्यों लिया था।