स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय में प्रेेमी संग फरार युवती का मेडिकल कराए जाने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों पर हमला कर युवती का अपहरण उसकी हत्या किए जाने के इरादे से किया गया था। इसके लिए शेरपुर के कुछ युवकों को एक लाख रुपये सुपारी दी गई थी। जांच में सामने आए इन तथ्यों की पुलिस गुपचुप तरीके से जांच कर रही है।
मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव वलीपुरा निवासी शहजादी का जिला चिकित्सालय से मेडिकल के दौरान अपहरण की घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक युवती के परिजनों के कुछ रिश्तेदार गांव शेरपुर में रहते हैं। इसी के चलते शेरपुर के कुछ युवकों से युवती के परिजनों का परिचय हुआ, जिसके बाद एक लाख रुपये में मेडिकल कराने लाए जाने के दौरान जिला अस्पताल से युवती का अपहरण किए जाने का सौदा किया गया था।
यही नहीं, आरोपियों को मेडिकल के लिए मीरापुर थाने से कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा युवती को जिला अस्पताल लाए जाने का अनुमान था, लेकिन युवती के तहसील दिवस में पेश होने के बाद उसे महिला थाना पुलिस की सुरक्षा में मेडिकल के लिए ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार युवती को अपहरण के बाद गांव शेरपुर ले जाकर किसी के हवाले किया जाना था, लेकिन मेडिकल कराने महिला थाना पुलिस के आने और पुलिस के पीछे लग जाने के कारण पूरी योजना फ्लॉप हो गई।
सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच में भी ये तथ्य सामने आए हैं, जिसकी पुष्टि पुलिस हिरासत में मौजूद एक युवक ने भी की है। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि पुलिस त्वरित कार्रवाई न करती तो अपहरण के बाद उक्त युवती की हत्या भी की जा सकती थी। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि मामले में महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मीनाक्षी शर्मा द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इनमें युवती की मां फरजाना पत्नी शौकत, उसका चाचा शाहबाज व संभलहेड़ा निवासी सत्तार को नामजद करते हुए 20-25 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। वहीं, नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, जिन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। उधर, प्रेमी हारून पक्ष की तरफ से मंजूर अहमद द्वारा तहरीर दी गई है, जिसे पुलिस की एफआईआर में ही शामिल किया जाएगा।
युवक पक्ष ने थाने में किया हंगामा
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में पुलिस पर हमले व युवती का अपहरण किए जाने के बाद गुस्साए हारून पक्ष ने शहर कोतवाली पहुंचकर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि लगातार जान का खतरा जताए जाने के बावजूद पुलिस ने युवती की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। यदि पुलिस सुरक्षा को लेकर पहले ही ऐहतियात बरतती तो उक्त घटना न होती।
ग्राम प्रधान संभलहेड़ा की भूमिका संदिग्ध
मुजफ्फरनगर। मीरापुर के गांव संभलहेड़ा के प्रधान कादिर राना की इस पूरे मामले में भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल में पुलिस पर हमले व युवती के अपहरण के समय ग्राम प्रधान खुद भी साथियों के साथ मौके पर ही मौजूद था। यही नहीं युवती को अपहरण के बाद प्रधान कादिर राना की ही गाड़ी में डालकर ले जाया गया।
ऐसी भी चर्चा है कि अपहृत युवती का रिश्ता उसके परिजनों द्वारा संभलहेड़ा के ही किसी अन्य युवक से तय कर दिया गया था। परिजनों के इंकार करने पर ही वह प्रेमी संग फरार हुई थी। यही वजह रही कि संभलहेड़ा के भी कई लोग घटना के समय जिला अस्पताल में नजर आए। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि युवती के अपहरण में ग्राम प्रधान संभलहेड़ा कादिर राना की ही गाड़ी इस्तेमाल हुई है और मौके पर उसकी उपस्थिति की बात भी सामने आ रही है। गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर होगी शिनाख्त
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में पुलिस पर हमला व युवती के अपहरण के मामले में आरोपियों की शिनाख्त करने के लिए पुलिस वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। इसके साथ ही वारदात के समय कुछ लोगों ने अपने मोबाइल से भी घटना की वीडियो क्लिप बनाई हैं, जो पुलिस तक पहुंच चुकी हैं। उक्त वीडियो क्लिप के साथ ही जिला अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ के प्रयास में लग गई है।
दौड़ती कार व पीछा करती पुलिस को देख सहमे लोग
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल से पुलिस पर हमला कर युवती का अपहरण कर फिल्मी स्टाइल में भाग रहे कार सवारों व उनका पीछा कर रही पुलिस व चीता बाइकों को देख रुड़की रोड पर हड़कंप मचा रहा। शहर क्षेत्र से लेकर गांव शेरपुर तक हर कोई इस दौड़भाग को देख सहमा रहा। हालांकि किसी को भी घटना की जानकारी नहीं होने पर सभी इसे लेकर केवल अनुमान ही लगाते रहे।