ककरौली थाने में सोमवार रात दलित समाज के लोगों ने मुकदमा दर्ज नहीं करने पर हंगामा किया और धर्म परिवर्तन की धमकी दे डाली। पुलिस ने मामला बढ़ता देख मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
गांव ढांसरी में सोमवार को रास्ते में चारपाई बिछाने को लेकर दलित और गुर्जर समाज के लोगों में कहासुनी के बाद संघर्ष हो गया था। दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियारों के चले और पथराव से गांव में अफरातफरी मच गई। हमले में दोनों पक्षों की ओर से दयानंद, राहुल, स्नेहलता और राजकुमारी घायल हो गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बमुश्किल मामला शांत कराया था। पुलिस को दोनों पक्षों ने तहरीर दे दी थी। पुलिस ने सोमवार रात तक भी दलित पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया।
रात में ही दलित समाज के लोग एकत्र होकर ककरौली थाने पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ करने का भी आरोप लगाया। गांव टंहेड़ा, खाईखेड़ा, बेहड़ा सादात, तेवड़ा, कम्हेड़ा, जटवाड़ा, ढांसरी, चौरावाला आदि गांवों के सचिन, प्रमोद, संजय, मदन, विक्रम, तारा सिंह, ईश्वर, बालेश्वर, महेश, बबलू, कपिल, नीटू, मुरारी, बाबू, रुप सिंह, नरेश, राजेंद्र, रतन, पंकज, प्रदीप, तरुण, रवि, अरुण, नितिन, अशोक, नाहर, राजकुमार आदि ने हंगामा करते हुए पुलिस प्रशासन को धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी दे डाली।
धर्म परिवर्तन की चेतावनी पर थानाध्यक्ष आनंद मिश्रा, अखिल भारतीय रविदास धर्म संगठन मंडल अध्यक्ष संजय रवि के साथ हंगामा करने वाले दलित समाज के लोगों के बीच पहुंचे। थानाध्यक्ष ने तुरंत मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दलित समाज के लोग शांत हुए। पुलिस ने प्रमोद पुत्र राम सिंह की ओर से कृष्ण, कपिल, पवन, प्रवेश, विनित, कुलवीर, मानू के विरुद्घ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।