पुलिस चौकी में युवक को पीटते पुलिसकर्मी।
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छपार थाने की बसेड़ा पुलिस चौकी पर दो युवकों को यातनाएं देने का वीडियो वायरल होने के प्रकरण की जांच पूरी हो गई है। सीओ की जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। दोनों युवक छेड़छाड़ करते पकड़े गए थे। हालांकि दोनों पक्षों की सहमति से ही उनकी पिटाई की गई थी। बावजूद इसके पुलिस ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई किए उन्हें छोड़ दिया था। सीओ सदर योगेंद्र सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है।
सोशल मीडिया में युवकों को थर्ड डिग्री देने का वीडिया वारयल हुआ था, जिसमें बसेड़ा पुलिस चौकी पर पुलिसकर्मी दो युवकों को पिलर से जकड़ कर पिटाई करते हुए दिखाए गए थे। चौकी में युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा तो एसएसपी अनंत देव ने चौकी प्रभारी एसआई रविंद्र नागर, दीवान सतीश त्यागी, सिपाही अरुण कुमार, राघवेंद्र और अशोक को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया था। साथ ही हेड कांस्टेबल सतीश और सिपाही अरुण कुमार को निलंबित किया गया था।
पूरी चौकी को लाइन हाजिर करने के बाद एसएसपी ने सीओ सदर योगेंद्र सिंह को मामले की जांच सौंपी थी। सीओ ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट एसएसपी को दे दी है। जांच में पाया गया है कि बसेड़ा निवासी विशेष समुदाय के दो युवक काफी समय से युवतियों को परेशान कर रहे थे। 14 सितंबर को युवती के परिजनों ने दोनों युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। दोनों पक्षों के लोग बसेड़ा चौकी पर पहुंचे। दोनों के परिजनों मेें आरोपी युवकों को डांट-फटकार कर छोडऩे की सहमति बनी।
बावजूद पुलिस ने उनकी पिटाई की और बिना कानूनी कार्रवाई एवं बगैर लिखापढ़ी कर युवकों को छोड़ दिया। इस दौरान वहां मौजूद किसी युवक ने थर्ड डिग्री दिए जाने की वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर जारी की। जांच के दौरान पिटने वाला एक युवक अपने घर पर ही मिला, जबकि दूसरे युवक को उसके घरवालों ने मुंबई में काम करने के लिए भेज दिया था। जांच अधिकारी ने घर पर मिले युवक के बयान दर्ज किए। सीओ ने जांच में पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया है।