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वासुदेव अस्पताल में लिंग परीक्षण पर छापा, अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें सील कराई  

Sat, 12 Aug 2017 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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अस्पताल में पूछताद करती टीम। - फोटो : अमर उजाला
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सीएम आदित्यनाथ योगी की ‘मुखबिर योजना’ का पहला शिकार जिले में वासुदेव अस्पताल हुआ है। अस्पताल में पानीपत की पीसीपीएनडीटी की टीम ने लिंग परीक्षण होने के पुख्ता सबूत जुटाकर छापेमारी की। टीम ने शक के आधार पर जांच-पड़ताल कर अस्पताल में लगी दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया है।
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सदर बाजार स्थित डॉ. मंजू गुप्ता ने वासुदेव नाम से अस्पताल संचालित कर रखा है। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के साथ सामान्य रूप से अल्ट्रासाउंड होते हैं। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल में लगातार लिंग परीक्षण किए जाने की शिकायत मिल रही थी। इस पर विभाग ने डिक्वॉय आपरेशन के तहत गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर वासुदेव अस्पताल भेजा।

इसके बाद चंडीगढ़ के पीसीपीएनडीटी दफ्तर को इनपुट दिया गया। जिसके चलते शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पानीपत से आई पीसीपीएनडीटी टीम ने अस्पताल पर सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा, एसीएमओ और नोडल अधिकारी डॉ एसके अग्रवाल ने सिविल लाइन पुलिस को साथ लेकर छापेमारी की। टीम के एक्सपर्ट अधिकारियों ने तत्काल मशीन की सील कर रिकार्ड को खंगालकर साक्ष्य जुटाए। 
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बताया गया है कि टीम ने अस्पताल में लिंग परीक्षण होने की ऑडियो-वीडियो क्लिप अपने पास रखी हुई थी, जिसके आधार पर ही छापेमारी की गई है। पानीपत से आए डिप्टी सीएमओ सुधीर बत्रा, डॉ शालिनी, डॉ सुखदीप और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नवनीत ने अस्पताल के कर्मचारियों, डॉक्टरों से पूछताछ की है। सीएमओ ने बताया कि डिक्वॉय आपरेशन के तहत यह पानीपत की टीम ने कार्रवाई की है। शक के आधार पर अस्पताल की मशीनों को सील कर दिया गया है। इस मामले में देर रात तक लिखापढ़ी चल रही थी।  

दस साल पहले भी पकड़ा था मामला 
डॉ मंजू गुप्ता के अस्पताल वासुदेव में लिंग परीक्षण का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हरियाणा की टीम ने करीब दस साल पहले छापेमारी कर लिंग परीक्षण का मामला पकड़ा था। जिस पर अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। अब फिर लिंग परीक्षण पकड़े जाने पर स्थानीय अल्ट्रासाउंड जांच के लिए बनी कमेटी पर सवाल उठ गए हैं।  

अस्पताल के सरकारी डॉक्टर से रिश्तेदारी  
वासुदेव अस्पताल की चिकित्सक मंजू गुप्ता को जिला अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक की रिश्तेदार बताया जा रहा है। इस मामले में चिकित्सक की संलिप्तता है या नहीं, इसकी भी छानबीन की जा रही है। हालांकि अस्पताल के कुछ अधिकारी इस मामले पर पर्दा डालने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
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