शाहजहांपुर में दरोगा मेहरबान खां उर्फ भौंदे खां की हत्या करने वाले दोनों सुपारी किलर बदमाशों को मंगलवार देर रात को शाहपुर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। दोनों के पैर में गोली लगी है। इस दौरान एक कांस्टेबल भी हाथ में गोली लगने से घायल हो गया।
पकड़े गए दोनों बदमाश गांव शाहपुर के गांव तावली के निवासी तासीन उर्फ तहसीन पुत्र शाहबुद्दीन और शौकीन पुत्र नियाजुद्दीन है। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि दोनों पर पांच-पांच हजार का इनाम घोषित किया था। इन दोनों ने ही दरोगा मेहरबान की हत्या की थी। हत्या दरोगा की पत्नी जाहिदा ने एक लाख रुपये सुपारी देकर कराई थी।
एसएसपी ने बताया कि शाहजहांपुर पुलिस से जानकारी मिली थी कि दरोगा मेहरबान खां की सुपारी लेकर हत्या करने वाले दो बदमाश मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव तावली के निवासी हैं। देर रात करीब सवा ग्यारह बजे हरसौली चौकी पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रह थी, तभी दो युवक बाइक पर आते दिखाई दिए।
पुलिस ने बाइक रोकने का इशारा किया। इस पर बदमाश शाहपुर की ओर भाग गए। वायरलेस सेट पर सूचना दी गई। शाहपुर इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ हरसौली की ओर गए। गांव काकड़ा के पास दोनों बदमाशों को घेरा गया। बदमाश घिर जाने पर बाइक छोड़ कर फायरिंग करते हुए एक नलकूप की ओर भागे।
सिपाही विपिन राणा के हाथ में बदमाशों की गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगने पर दोनों गिर गए। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। इनके पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद हुए।
पूूछताछ करने पर दोनों ने अपने नाम तासीन उर्फ तहसीन और शौकीन निवासीगण तावली बताए। दोनों ने पूछताछ में शाहजहांपुर में दरोगा मेहरबान खां की हत्या करना कबूल किया। घायल दोनों बदमाशों और सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी देहात अजय सहदेव ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की आपराधिक हिस्ट्री की जानकारी जुटाई जा रही है।
कसरेवा गांव के मूल निवासी थे दरोगा
मुजफ्फरनगर। दरोगा मेहरबान खां उर्फ भौंदे खां मूल रुप से शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव कसेरवा के मूल निवासी थे। जो वर्तमान में पुलिस कंट्रोल रुम शाहजहांपुर में तैनात थे। वो परिजनों के साथ वहीं पर रहते थे।
23 जून को वे लापता हुए। 24 जून का दरोगा का शव नाले में पड़ा मिला। मंगलवार को शाहजहांपुर पुलिस ने उसकी हत्या का खुलासा करते हुए उनकी पत्नी जाहिदा और चार बेटियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने खुलासा किया कि जाहिदा ने ही तावली के दो सुपारी किलर बदमाशों को एक लाख रुपये की सुपारी देकर अपने पति की हत्या कराई है।
पत्नी ने ही कराई थी दरोगा पति की हत्या
शाहजहांपुर। दरोगा भोंदे खान की हत्या उनकी पत्नी ने एक लाख रुपये की सुपारी देकर मुजफ्फरनगर के दो बदमाशों से कराई थी। पुलिस ने मंगलवार को यह खुलासा करते हुए दरोगा की पत्नी जाहिदा और उनकी चार बेटियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारों की तलाश की जा रही है।
प्रभारी एसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरे से साक्ष्य मिले तो दरोगा का परिवार ही शक के दायरे में आ गया। जाहिदा के अलावा उसकी बेटी जीनत, इरम, आलिया और विवाहित बेटी शबा से पुलिस ने पूछताछ की तो राज खुल गया।
जाहिदा ने कबूल किया कि उसके संबंध मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर के गांव ताउली निवासी अपने बहनोई फारूख से थे। पति इसका विरोध करते थे। बेटियों के पहनावे और रहन-सहन पर भी पति को एतराज था। तब उसने अपने बहनोई के गांव के तहसीन व कासिम से संपर्क किया और पति की हत्या के लिए एक लाख रुपये देने का वादा किया।
दोनों हत्यारे 24 जून को एमनजई जलालनगर स्थित घर आ गए। दरोगा भोंदे खान घर में मौजूद थे। हत्यारों ने पहले गला दबाया, जब वह बेहोश हो गए तो सिर दीवार से टकरा दिया। इसके बाद उनकी मौत हो गई। रात के अंधेरे में दरोगा की बाइक से ही उनकी लाश मकान के पीछे नाले में फेंक दी। जाहिदा ने हत्यारों को 50 हजार रुपये दिए और बाकी रकम बाद में देने का वादा किया था।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला दरोगा के कत्ल का राज
शाहजहांपुर। रिश्तों को तार-तार करने वाले शहर के सनसनीखेज दरोगा हत्याकांड का खुलासा भी दामाद के लगाए सीसीटीवी फुटेज से ही हुआ। हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी जाहिदा ने छह माह पहले से कत्ल की साजिश रचनी शुरू कर दी थी। जिसके लिए उसने अपने प्रेमी के गांव के हत्यारों से लगातार मोबाइल पर संपर्क में थी। जाहिदा ने सुपारी के लिए 50 हजार भी उसी रकम (68500 रुपये) में से दिए थे, जिसे कुछ दिन पहले भोंदे खान ने अपने खाते से निकालकर खर्चे के लिए घर वालों को दी थी।
दरोगा भोंदे खान का परिवार दामाद अनीस के मकान में ही नीचे रहता है। अनीस ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था। इस हत्याकांड को खोलने में इसी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने अहम रोल अदा किया। दरोगा भोंदे खान की 24 जून को लाश मिलने के बाद ही पुलिस ने अंदाजा लगा लिया था कि इस घटना में परिवार के ही किसी सदस्य का हाथ हो सकता है।
इसी आधार पर एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, सीओ सदर सुमित शुक्ला और सदर इंस्पेक्टर डीसी शर्मा ने पड़ताल शुरू की। घर के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में 23 जून को सुबह नौ बजे दरोगा भोंदे खान घर के अंदर दाखिल हुए। लगभग डेढ़ घंटे बाद घर के अंदर हत्यारे तहसीन और कामिल दाखिल होते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पत्नी जाहिदा दरवाजे तक आईं और लौट गई, फिर बेटी आलिया और ईरम दरवाजे के पास आईं।
कुछ देर रुककर गली में मोबाइल देखती रहीं, इसके बाद बेटी शबा आई और कुछ देर रुककर अंदर चली गई, फिर आलिया और ईरम भी अंदर चलीं गई। इसके बाद जाहिदा एक बार फिर दरवाजे पर आकर लौट गई। रात 10:40 बजे दरोगा की बाइक पर उनकी लाश बीच में रखकर दोनों हत्यारे बाहर निकले, पीछे से जाहिदा और बेटियों ने बाइक को धक्का लगाया।
गली में रास्ता साफ होने का इशारा करते हुए हत्यारे लाश को लेकर बाइक से नाले की ओर चले गए। जाहिदा और बेटियां घर में आ गईं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दरोगा ने पांच जून को अपने खाते से वेतन के 68500 रुपये निकालकर घरवालों को दिए थे। दरोगा की हत्या के बाद पत्नी जाहिदा ने इन्हीं रुपयों में से हत्यारों को 50 हजार रुपये घटना के बाद सुपारी किलर्स को दिए थे।
11 घंटे घर में रखे रहे लाश
दरोगा की हत्या करने के बाद लाश को 11 घंटे तक पत्नी और बेटियां रखे रहीं और हत्यारे भी मौजूद रहे। रात के अंधेरे में लाश को फेंका गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का समय और सिर में चोट और गले में निशान से भी खुलासे में गहराई से जुट गई थी।
दो माह पूर्व हुई थी बेटी सना की हत्या
सात अप्रैल 2018 को दरोगा की बेटी सना चौधरी की रामनगर कॉलोनी में गोली मारकर हत्या करने वाले अरशद ने बताया था कि सना चाहती थी कि उसके पिता भोंदे खान को मार दिया जाए तो उसे नौकरी मिल जाएगी। फिर दोनों शादी कर लेंगे लेकिन अरशद ने सना से छोटी बहन जीनत से संबंध गहरे कर लिए।
इसकी जानकारी जब सना को हुई तो वह विरोध करने लगी। तब अरशद ने अपने साथी सलमान के साथ मिलकर सना की ही गोली मारकर हत्या कर दी। जीनत की हत्या पर मां जाहिदा और बहनें रोईं लेकिन जीनत के आंखों में दिखावे के आंसू थे। इसके बाद जाहिदा ने हत्यारों से संपर्क शुरू दिया, पुलिस ने इसी कॉल डिटेल के सहारे क्स खोल दिया।