घर में घुसकर युवक की हत्या करने के जुर्म में जिला सत्र न्यायालय ने तीन लोगों को आजीवन कारावास के साथ ही जुर्माने की सजा सुनाई है। चार साल पहले यह वारदात मंसूरपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव खुब्बापुर निवासी दीपक शर्मा पुत्र देव शर्मा ने 27 सितंबर 2012 को मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि वह सुबह पांच बजे अपने भाई राहुल शर्मा के साथ अपने घर में बैठा था। तभी उसके गांव निवासी करीम और शहजाद पुत्रगण फैय्याज, वाजिद पुत्र यासीन अपने हाथों में तमंचे लेकर आए और उसके भाई राहुल शर्मा को गोली मार दी और धमकी देते हुए फरार हो गए। गोली लगने से राहुल शर्मा घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा ।
जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार सिंह प्रथम की अदालत संख्या-2 में हुई। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार शर्मा ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए सात गवाह पेश करते हुए अपनी दलील और सुबूत पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सुबूतों के साथ गवाहों के बयान पर गौर करते हुए अभियुक्त करीम एवं शहजाद पुत्रगण फैय्याज, वाजिद पुत्र यासीन को घर में घुसकर राहुल शर्मा की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 के तहत तीन वर्ष का कारावास एवं 5-5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 के तहत दो वर्ष का कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।