चरथावल के गांव दधेड़ू के प्रधान की हत्या करने आए तीन सुपारी किलर को पुलिस ने मुठभेड़ में धर दबोचा। इस दौरान दो आरोपी फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों के कब्जे से कार, पिस्टल, तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस लाइन स्थित सभागार में शुक्रवार को प्रेसवार्ता में एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि सीओ सिटी हरीश भदौरिया के नेेतृत्व में पुलिस तड़के मेरठ रोड पर चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान सूचना के आधार पर कार को रोकने का प्रयास किया गया, तो उसमें सवार बदमाश शिवचौक तक आकर वहां से शामली रोड की तरफ भागने लगे। इस पर पीछा कर कार को काली नदी पुल के पास रोक लिया गया, जिसमें सवार दो बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए, जबकि तीन को पुलिस ने धर दबोचा। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश मुकेश पुत्र राजेश निवासी गांव अड़सठ थाना हैदरगंज फैजाबाद, रोहित दुबे पुत्र गौरीशंकर निवासी गांव मलावन थाना हैदरगंज फैजाबाद और सोनू गुप्ता पुत्र रवि गुप्ता निवासी शांतिनगर, थाना विजयनगर गाजियाबाद शामिल हैं।
वहीं, फरार बदमाशों की पहचान शुभम पुत्र अखिलेश निवासी गांव सईथा थाना सरपथा जौनपुर और एक की गांव दधेड़ू निवासी शाहनवाज चरथावल मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। एसएसपी के अनुसार, पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे गांव दधेड़ू के प्रधान आसिफ की हत्या करने आए थे, जिसकी सुपारी दो लाख रुपये में दी गई थी। बृहस्पतिवार रात ही वे यहां पहुंचे थे और शुक्रवार को हत्या करने के बाद उन्हें वापस निकल जाना था, लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, फरार आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
मीट व्यापारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग
छपार नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह दिन निकलते ही दुकान खोल रहे मीट व्यापारी पर बाइकों से आए हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। व्यापारी ने घर में घुसकर बामुश्किल जान बचाई। मौके से कई खोखा-कारतूस बरामद किए गए हैं। पुरानी रंजिश को हमले की वजह माना जा रहा है। मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
छपार निवासी फरमान दिल्ली-दून नेशनल हाईवे स्थित मेन मार्केट में मुर्गा मीट की दुकान करता है। शुक्रवार सुबह सात बजे वह दुकान खोलकर साफ-सफाई कर रहा था। उसी समय वहां पहले से घात लगाकर बाइकों से घूम रहे हमलावरों ने उस पर तमंचों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां चलते ही फरमान ने किसी तरह घर में घुसकर अपनी जान बचाई। उसकी दुकान में गोलियां लगने के कई निशान के साथ ही मौके से कई खोखा-कारतूस भी मिले हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने हमलावरों की तलाश की, लेकिन वे भाग निकलने में सफल रहे। पीड़ित फरमान ने तहरीर देकर बताया कि करीब छह माह पूर्व उसका गांव बिजोपुरा के कुछ युवकों से झगड़ा हो गया था। आरोप लगाया कि उक्त युवकों ने उसी रंजिश में हमला किया है। पीड़ित ने गांव बिजोपुरा निवासी दीपक, नितिन, नागेंद्र व अक्षय सहित छह युवकों के खिलाफ तहरीर दी है, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश में दबिश भी दी गई, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा।
लोगों के आने पर भी बरसाते रहे गोलियां
छपार। हाईवे पर सुबह करीब सात बजे हुई उक्त वारदात में शामिल हमलावर दुस्साहसी तरीके से लोगों के सामने भी गोलियां चलाते रहे। दरअसल, गोलियों की आवाज सुनकर काफी लोग घटनास्थल के आसपास एकत्रित हो गए, लेकिन इसके बावजूद हमलावरों पर कोई असर नहीं पड़ा और वे गोलियां चलाने में मशगूल रहे। घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंचे, तब कहीं जाकर आरोपी वहां से भागे।