कादीपुर के कंवरपाल ने सुपारी किलर दामोदर की हत्या कर अपने भाई महिपाल की हत्या का बदला ले लिया। दामोदर ने 70 हजार रुपये की सुपारी लेकर गत 19 जून को महिपाल की हत्या की थी। पुलिस कस्टडी में दामोदर की हत्या करने वाला कंवरपाल और उसका बेटा मोहित शुक्रवार सुबह से ही थाने में घूम रहे थे। उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ मजबूत लिखा पढ़ी की मांग कर रहे थे, जबकि बाहर उन्होंने कार में हथियार रख रखे थे। पुलिस मुल्जिम को जैसे ही डॉक्टरी के लिए लेकर निकली, उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
भोपा के गांव कादीपुर में चली खूनी रंजिश में डेढ़ साल में कत्ल की यह तीसरी वारदात हुई। ओमपाल और महिपाल पक्ष के बीच डेढ़ साल पहले 22 मई 2015 को बच्चों के बीच कहासुनी के बाद झगड़ा हो गया था। जिसमें ओमपाल पक्ष ने महिपाल के बेटे अनिल की गोली मार कर हत्या कर दी थी। महिपाल ने ओमपाल, उसके बेटों राजीव, संजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया था। जिसके कुछ समय बाद ओमपाल जेल से जमानत पर बाहर आ गया था, जबकि संजय, राजीव अभी जेल में हैं। अनिल हत्याकांड का मुकदमा ट्रायल पर है तथा वादी महिपाल की मुकदमे में गवाही होनी थी।
मगर गवाही के एक दिन पहले ही 19 जून 2016 को महिपाल की उस समय हत्या कर दी गई, जब वह घर से अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। जटमुझेड़ा के पास उसका शव पड़ा मिला था। महिपाल के छोटे भाई कंवरपाल ने ओमपाल के अलावा उसके बेटों राजीव, संजय, पुत्रवधू ज्योति, शुभम और रोबिन के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने ओमपाल, ज्योति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि शुभम और रोबिन फरार अभी फरार है।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया तो पता चला कि ओमपाल ने भोकरहेड़ी के समसपाल और नंगला खेपड़ के दामोदर को 70 हजार की सुपारी देकर महिपाल की हत्या कराई थी। समसपाल को भी पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था। इस हत्याकांड में दामोदर वांछित चल रहा था। जिसे भोपा पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात को ककराला के जंगल से तमंचे समेत गिरफ्तार किया। दामोदर के पकड़े जाने की जानकारी जैसे ही मिली तो कंवरपाल और उसका बेटा मोहित शुक्रवार सुबह आठ बजे ही थाने पहुंच गए थे।
पुलिस के सामने उन्होंने हत्यारोपी से भी बातचीत की। पिता पुत्र पुलिस को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते रहे, उन्होंने पुलिस को यह आभास तक नहीं होने दिया कि वो हत्यारोपी को जेल तक जिंदा नहीं पहुंचने देंगे। घर से साथ लाया गया तमंचा भी उन्होंने अपनी कार में छुपा रखा था। दोनों को यह अंदेशा था कि अगर सुपारी किलर जेल चला गया तो वह अपने भाई महिपाल की हत्या का बदला नहीं ले पाएंगे।
इसलिए वो घर से ही दामोदर को मारने की योजना बना कर आए थे। दोनों दिन भर थाने में मंडराते रहे। दुपहर करीब दो बजे जैसे ही पुलिस कर्मी दामोदर को लेकर अस्पताल में डॉक्टरी कराने के लिए चली, तभी रास्ते में दामोदर को गोली मार दी। यह सब इतनी जल्दबाजी में हुआ कि साथ आए पुलिस कर्मी भी कुछ समझ नहीं पाए। दामोदर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अचानक वारदात से हक्के-बक्के पुलिस कर्मी हत्यारोपियों के पीछे दौड़े। कुछ दूर पीछा करने के बाद पिता-पुत्र पुलिस की पकड़ में आ गए। पकड़े जाने के बाद दोनों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। एसपी देहात राकेश कुमार जौली ने दोनों आरोपियों से घंटों पूछताछ की।
हत्यारोपियों को मिली हुई है सुरक्षा
दामोदर की हत्या करने वाले कंवरपाल और मोहित को महिपाल की हत्या के बाद से गनर मिले हुए हैं। पिता पुत्र ने दामोदर की हत्या के प्लान की भनक हर समय साथ रहने वाले सुरक्षा कर्मियों को भी नहीं लगने दी। दोनों आरोपी अपने गनर को जरूरी काम से जाने की बात कह कर उन्हें घर पर ही छोड़ आए थे। वारदात के बाद एसएसपी ने सुरक्षा कर्मियों को बुला लिया है।