पशु चिकित्सक डॉ सतीश मलिक की हत्या के मामले में पुलिस ने जनाक्रोश को देखते हुए रात भर दबिश देते हुए मुख्य आरोपी व साजिशकर्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। हत्या में प्रयुक्त आला-ए-कत्ल व लेनदेन की डायरी भी बरामद कर ली गई है। चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। उधर, डॉक्टर के शव का रविवार सुबह पैतृक गांव नंगला मंदौड़ में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
मोरना के बहूपुरा मार्ग निवासी डॉ सतीश मलिक की लाखों के लेनदेन को लेकर हत्या करने के बाद उनकी लाश को गांव दौलतपुर के जंगल में फेंक दिया गया था। हत्या में डॉ सतीश के भाई विनोद मलिक ने गांव ककराला निवासी मुख्य आरोपी कामिल, उसकी मां सरवरी, पत्नी सोनम, पिता अय्यूब व नईम के साथ ही गांव चुड़ियाला निवासी दिलशाद, आरिफ और आशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, पुलिस की जांच में सलीम उर्फ भूरा का नाम भी साजिशकर्ता के रूप में सामने आया।
पुलिस ने रात में ही ताबड़तोड़ दबिश देकर कामिल के साथ ही उसके सहयोगी रहे सलीम उर्फ भूरा, कामिल की पत्नी सोनम व मां सरवरी को गिरफ्तार कर लिया। उक्त चारों आरोपियों को रविवार को जेल भेज दिया गया है। हत्यारोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, लेनदेन की डायरी और कामिल का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है।
उधर, पोस्टमार्टम के बाद डॉ सतीश का शव रविवार सुबह पांच बजे ही सिखेडा थाना क्षेत्र में पैतृक गांव नंगला मंदौड़ ले जाया गया, जहां सुबह 8.30 बजे गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान, पूर्व सांसद सोहनबीर सिंह, खतौली विधायक विक्रम सैनी, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक व डॉ वीरपाल निर्वाल के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
डॉ सतीश के नौ साल के बेटे आयुष ने चिता को मुखाग्नि दी। भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए हर समय उनकी मदद के लिए खड़े रहने का भी आश्वासन दिया। इस दौरान पीड़ित परिजनों ने एसपी देहात आलोक शर्मा से लेनदेन डायरी के अनुसार हत्यारोपी कामिल पर निकल रहे डॉ सतीश के करीब 50 लाख रुपये दिलाए जाने की भी मांग की। एहतियातन मौके पर सीओ भोपा राममोहन शर्मा, सीओ जानसठ सोमेंद्र सिंह नेगी भी भारी फोर्स के साथ मौजूद रहे।
सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में रहा फोर्स तैनात
पशु चिकित्सक की हत्या को लेकर भोपा व मोरना में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में भारी फोर्स तैनात है। वहीं, बाजारों में भी लगातार पुलिस टीमें गश्त करती रहीं। हत्यारोपी कामिल के घर पर भी पुलिस का पहरा है। भोपा थाना क्षेत्र के गांव मोरना निवासी पशु चिकित्सक डॉ सतीश मलिक की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति है। शनिवार शाम लाश बरामद होने तक भोपा व मोरना में जगह-जगह ग्रामीण जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई थी।
मोरना में दुकानें बंद कराने को लेकर दो पक्षों के लोग आमने सामने भी आ गए थे। रविवार को भी डॉ सतीश की हत्या को लेकर क्षेत्र में तनाव के हालात रहे, हालांकि स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण और नियंत्रण में रही। सुरक्षा के मद्देनजर जहां एक ओर रविवार को भी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर पीएसी व पुलिस बल तैनात रहे, वहीं बाजारों में भी लगातार पुलिस गश्त करती रही।
एसपी देेहात आलोक शर्मा व जानसठ सीओ सोमेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में तितावी व रतनपुरी थाना पुलिस के साथ ही पीएसी व आरएएफ के जवान भी क्षेत्र में ही डेरा डाले रहे। डॉ सतीश के मुख्य हत्यारोपी कामिल के गांव ककराला स्थित घर पर भी एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। सीओ भोपा राममोहन शर्मा ने बताया कि चार हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पांच आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। बहुत जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
तीन हफ्ते पूर्व रची गई थी हत्या की साजिश
मोरना। पशु चिकित्सक डॉ सतीश मलिक की हत्या की साजिश एक हफ्ते पूर्व रची गई थी। भोपा इंस्पेक्टर बीपी सिंह यादव ने बताया कि ककराला निवासी कामिल ने रुपयों का लगातार तकादा करने के चलते करीब तीन हफ्ते पूर्व गांव में ही कोल्हू पर काम करने वाले नईम व सलीम उर्फ भूरा के साथ मिलकर डॉ सतीश की हत्या की साजिश तैयार की थी। इसके बाद नईम ने कामिल को मीरापुर के गांव चुड़ियाला निवासी आरिफ, दिलशाद व आशु से मिलवाया और एक लाख रुपये में डॉक्टर की हत्या करने के बाद लाश भी ठिकाने लगाने की बात तय की गई।
एक सप्ताह पूर्व भी की गई थी हत्या की कोशिश
मोरना। भोपा इंस्पेक्टर ने बताया कि एक हफ्ते पूर्व भी डॉ सतीश मलिक की हत्या का प्रयास किया गया था। इसके तहत कामिल ने डॉक्टर को बुलाकर उसे चाय के साथ नशीली ब्रेड खिलाने का प्रयास किया, लेकिन डॉ सतीश ने ब्रेड खाने से इंकार कर दिया, जिससे उसकी जान बच गई थी। इसके बाद विगत बृहस्पतिवार को कामिल ने डॉ सतीश को बुलाकर एक लाख रुपये देते हुए उसे शुक्रवार को बाकी रुपये लेने के लिए बुला लिया। इसके बाद बृहस्पतिवार रात को ही गांव चुड़ियाला निवासी तीनों सुपारी किलर को कामिल ने अपने यहां बुला लिया। रात भर तीनों कामिल के घर पर ही रहे और शुक्रवार सुबह डॉ सतीश के बकाया रकम लेने पहुंचने पर उसकी हत्या कर दी गई।