केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने दूधली निवासी कैदी चंद्रहास की हत्या के लिए जेल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। मंत्री ने ग्रामीणों के साथ जेल पहुंचने के लिए कहा तो प्रशासन ने उन्हें संवैधानिक पद पर होने की बात कहकर मना लिया। बाद में एडीएम ग्रामीणों को लेकर जेल पहुंचे, जहां बंदियों ने जेल अधिकारियों पर चंद्रहास की हत्या के आरोप लगाए।
जिला कारागार में शुक्रवार को दूधली निवासी बैरक नंबर आठ में बंद सजायाफ्ता बंदी चंद्रहास पुत्र बाबू का सचिन नाम के बंदी से झगड़ा हो गया था। झगड़े में चंद्रहास और उसका साथी बिट्टू घायल हो गए थे। जेलर ने दोनों को बैरक नंबर तीन में ट्रांसफर कर दिया, जबकि चंद्रहास ने इसका विरोध किया और वहां अपनी हत्या की आशंका जताई थी।
रात में बैरक में पिटाई से उसकी मौत हो गई। इस बात से कैदी के परिजन और ग्रामीण प्रशासन से खफा हैं। शनिवार को ग्रामीण केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान से मिले। बालियान ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए खुद जेल चलने के लिए कहा। इस पर प्रशासन ने उन्हें संवैधानिक पद पर होने का हवाला देते हुए एडीएम प्रशासन मनोज कुमार को ग्रामीणों के साथ जेल भेजा। ग्रामीणों ने जेल पहुंचकर जेलर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हत्या करने का आरोप लगाया। एडीएम ने बैरक के बाकी बंदियों से उनकी बात कराई।
बंदियों ने कहा कि जेलर और तीन बंदीरक्षकों ने चंद्रहास की पिटाई कर उसे बैरक नंबर तीन में शिफ्ट किया था। परिजनों ने कारागार के भीतर ही हंगामा करना शुरू कर दिया और जेलर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की बात कही। चार बंदियों ने लिखित में अपना बयान दिया है। एडीएम ने बंदियों के बयान को लिखापढ़ी में दर्ज करने के निर्देश जेल के अधिकारियों को दिए हैं। परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वह आगे की कार्रवाई करेंगे। कारागार जाने वालों में ठाकुर रामभूल सिंह, विकास आर्य, मदनपाल सिंह, महेंद्र सिंह, शेर सिंह, श्याम सिंह, नाथी सैनी आदि मौजूद रहे।
लखनऊ तक गूंजा कैदी की हत्या का मामला
जिला कारागार में कैदी की हत्या का मामला दिल्ली से लेकर लखनऊ तक गूंज गया है। परिजनों की गुहार ने मामले को तूल दे दिया है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से फोन पर बात कर आरोपी जेलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में जेल अफसरों पर गाज गिर जाएगी।
जेल में बवाल के दौरान चंद्रहास की मौत का कारण जेलर को बताया जा रहा है। शनिवार को मामले को लेकर हलचल तेज हो गई। चरथावल क्षेत्र के नेताओं ने केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान को मामले से अवगत कराया और जेल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की गुहार लगाई। डॉक्टर बालियान ने मामले को लेकर लखनऊ फोन घनघनाए।
उन्होंने प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से फोन पर बात की। कृषि राज्यमंत्री ने कारागार मंत्री से मामले में नाराजगी जताते हुए आरोपी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा। कारागार मंत्री ने जल्द ही दोषी कर्मचारी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उधर, मामला लखनऊ तक उछलने के बाद जेल अफसर भी अपने बचाव में जुट गए हैं।