खतौली में कब्रिस्तान की चारदीवारी का निर्माण करने के साथ अलग से दूसरा गेट खोलने को लेकर दो संप्रदायों के लोगों के बीच विवाद गहरा गया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने मौका मुआयना किया और समाधान होने तक निर्माण कार्य रुकवा दिया है।
नगर की दयालपुरम कालोनी में वक्फ बोर्ड की ओर से कब्रिस्तान की पक्की चारदीवारी निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। बृहस्पतिवार सुबह वक्फ बोर्ड की ओर से कालोनी में जाने वाले रास्ते की ओर चारदीवारी के साथ अलग से कब्रिस्तान का गेट खोल दिया गया।
जिसका कालोनी के लोगों ने विरोध किया। जिस पर दूसरे संप्रदाय के लोग भी एकत्र हो गए। गेट खोलने को लेकर दोनों संप्रदायों के लोगों के बीच विवाद हो गया। विवाद होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर विवाद के समाधान के लिए तहसील में एसडीएम के भेज दिया।
तहसील में दोनों संप्रदायों के लोग एसडीएम प्रियंका निरंजन से मिले और अपनी-अपनी बात रखी। जिस पर एसडीएम ने कब्रिस्तान पहुंचकर मौका मुआयना किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद समाधान होने तक चारदीवारी का निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए। मौके पर तहसीलदार सतीश कुमार कुशवाह, कानूनगो मूलचंद सैनी भी मौजूद रहे। कब्रिस्तान की चारदीवारी का निर्माण रोके जाने को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में रोष व्याप्त है।
अपराधियों के ठहरने का अड्डा बन जाएगा
दयालपुरम कालोनी के लोगों का कहना था कि कब्रिस्तान का नया गेट खोलने से यहां पर अपराधी लोगों के आने जाने का पता नहीं चल सकेगा। गेट बनते ही कब्रिस्तान अपराधियों का अड्डा बन जाएगा। कालोनीवासियों का यह भी कहना था कि जब पहले से जीटी रोड की तरफ से कब्रिस्तान में आने का मेन गेट बना हुआ है तो, दूसरा गेट खोलने की जरूरत क्या है। इसलिए दूसरा गेट नहीं खोला जाना चाहिए।
नाली का पानी बंद करने की चेतावनी दी
मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि दयालपुरम कालोनी में जाने वाला रास्ता भी कब्रिस्तान का है। कालोनी बनने से पूर्व वक्फ बोर्ड ने लोगों की सुविधा के लिए रास्ता बनाने को कब्रिस्तान की जगह दान कर दी थी। इसके बावजूद कालोनी के लोग कब्रिस्तान का गेट बनाने का विरोध कर रहे हैं। कुछ मुस्लिम लोगों ने चेतावनी दी कि अगर कब्रिस्तान का गेट नहीं बनने दिया गया तो, वे दान दिए रास्ते में कालोनी की नाली का गंदा पानी बंद करने को मजबूर होंगे।