मोरना में संत मंडल आश्रम सेवा आश्रम शुक्रताल के अध्यक्ष स्वामी विचारानंद महाराज ने कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हत्या किए जाने की आशंका जताई है। इस मसले को लेकर आश्रम में आयोजित बैठक में साधु संतों ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध रोष प्रकट किया। वहीं, इस मामले को लेकर शीघ्र ही चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा समाज के लोगों की पंचायत करेगी। बैठक के दौरान शुक्रताल चौकी प्रभारी पर अराजकतत्वों से साठगांठ करने के गंभीर आरोप लगाए गए।
तीर्थनगरी शुक्रताल में असामाजिक तत्वों का बोलबाला हो गया है, जिससे तंग आकर संत मंडल सेवा आश्रम के स्वामी विचारानंद महाराज को आए दिन जान से मारने की धमकी मिलती चली आ रही है, जिसको लेकर आश्रम के प्रांगण में आयोजित साधु संतों की बैठक में स्वामी विचारानंद महाराज ने कहा कि गुरु श्यामानंद महाराज 30 सितंबर 1917 को उनका शरीर पूरा होने से वह ब्रह्मलीन हो गए थे, जिसको लेकर 19 अक्तूबर को विजय दशमी के दिन उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है।
2014 मार्च माह में उन्होंने जीते जी आश्रम के ट्रस्ट का अध्यक्ष विचारानंद महाराज को बनाकर गद्दी पर विराजमान कर दिया था, लेकिन उनके चले जाने के बाद आए दिन कुछ लोग आश्रम को अपना बताकर आश्रम पर जबरदस्ती कब्जा करना चाहते हैं। यह आश्रम समाज के लोगों के खून पसीने से कमाए हुए पैसों को एकत्र करके बनाया गया। बैठक के दौरान चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा के महामंत्री रविंद्र सिंह चौहान ने कहा कि स्वामी श्यामानंद महाराज चौहान समाज के गौरव थे, उनके आश्रम पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध चौहान धर्मशाला में शीघ्र ही एक सभा का आयोजन किया जाएगा।
इस बीच स्वामी विचारानंद महाराज को जरा सी खरोंच भी आई, तो चौहान समाज सरकार की ईंट से ईंट बजा देगा। इसका जिम्मेदार पुलिस प्रशासन होगा। बैठक की अध्यक्षता स्वामी महानंद महाराज और संचालन खेम सिंह चौहान ने किया।
इस दौरान कोषाध्यक्ष काशीराम गोयल, सदस्य सत्यवीर सिंह, सत्यपाल, मुलकरात, जगवीर सिंह, विमला देवी, गोपाल, कपिल, आदि सहित स्वामी भगवतानंद महाराज, स्वामी रामदास महाराज, नत्थानंद महाराज, स्वामी इतवार गिरि महाराज, स्वामी स्वरूपा ब्रहमचारी महाराज, स्वामी हरिदास महाराज, स्वामी महेंद्रदास महाराज, स्वामी रविंद्र सरस्वती महाराज आदि उपस्थित रहे।