मुजफ्फरनगर के बीआईटी के आयुर्वेदिक कॉलेज में छात्र-छात्राओं पर हमले से चौतरफा आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार सुबह छात्रों के साथ ही अभिभावकों ने भी कॉलेज कैंपस में धरना देकर घटना का विरोध जताते हुए कॉलेज प्रबंधन पर सवाल उठाए। कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे अफसरों ने कॉलेज प्रबंधन व अभिभावकों के बीच वार्ता कराते हुए आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के साथ ही भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया। कॉलेज परिसर में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग स्थित बीआईटी के आयुर्वेदिक कॉलेज में सोमवार दोपहर दो बोलेरो से पहुंचे आरोपियों ने लाठी-डंडों से छात्र-छात्राओं पर हमला कर दिया था। इसमें 20 से अधिक छात्र-छात्राएं घायल हो गए थे, जिनमें एक छात्र की हालत गंभीर है। घटना को लेकर मंगलवार सुबह कॉलेज कैंपस में छात्रों के साथ ही उनके अभिभावकों ने भी धरना देकर कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। धरना व हंगामे की सूचना पर एसपी देहात आलोक शर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार, सीओ जानसठ सोमेंद्र सिंह नेगी और एसडीएम विजय कुमार मीरापुर, रामराज व ककरौली थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। यहां धरनारत अभिभावकों ने कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के साथ ही हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी किए जाने की मांग की। इस पर अफसरों की मौजूदगी में अभिभावकों व कॉलेज प्रबंधन के बीच वार्ता कराई गई, जिसमें डायरेक्टर डॉ विराज त्यागी द्वारा कॉलेज परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर कड़े सुरक्षा प्रबंध करने का आश्वासन दिया गया। वहीं, एसपी देहात ने जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर अभिभावकों व छात्रों को शांत कर धरना खत्म कराया। ऐहतियातन कॉलेज परिसर में पुलिसबल तैनात किया गया है।
जांच जानसठ सीओ को सौंपी गई है
मीरापुर। बीआईटी कॉलेज कैंपस में हमले के विरोध में दिए गए धरने पर छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का आरोप था कि चार अप्रैल को हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में हंगामे के बाद कई छात्रों को निलंबित करते हुए उन पर 25-25 हजार रुपये का भारी-भरकर अर्थदंड लगाया गया था। बाद में छात्रों का निष्कासन तो रद्द कर दिया गया, लेकिन उनसे वसूली गई अर्थदंड की धनराशि कॉलेज प्रबंधन हजम कर गया। छात्रों का कहना था कि जब अर्थदंड लौटाने की मांग की गई तो कॉलेज प्रबंधन द्वारा वसूला गया अर्थदंड पुलिस पर खर्च किए जाने की बात कही गई। एसपी देहात आलोक शर्मा ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा अर्थदंड पुलिस पर खर्च किए जाने की बात कही गई है, जिसकी जांच सीओ जानसठ सोमेंद्र सिंह नेगी को सौंपी गई है।
36 घंटे बाद भी नहीं हो सकी कोई गिरफ्तारी
मीरापुर। बीआईटी के आयुर्वेदिक कॉलेज कैंपस में छात्र-छात्राओं पर हुए हमले की दुस्साहसिक वारदात के लगभग 36 घंटे बाद तक भी पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सनसनीखेज वारदात के बावजूद थाना पुुलिस मामले को कितना गंभीरता से ले रही है, इसकी बानगी इसी से समझी जा सकती है कि नामजद रिपोर्ट होने के बावजूद हमलावर पुलिस की पकड़ से दूर हैं। थाना पुलिस द्वारा लगातार टीमें गठित कर दबिश दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कार्रवाई शून्य ही है।
इन्होंने कहा ..........
इंस्पेक्टर मीरापुर पंकज कुमार त्यागी का कहना है कि हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए ममीरापुर, रामराज व ककरौली थाने की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है। आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। मुख्य आरोपी को पिता को भी हिरासत में लिया गया है। जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।