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एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग के सरगना समेत तीन दबोचे

Tue, 29 Jan 2019 12:34 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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शहर के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी। - फोटो : अमर उजाला
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एसटीएफ ने पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन सुबह की पाली से पहले शहर के रुड़की रोड स्थित एक परीक्षा केंद्र से सॉल्वर गैंग के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में एक अन्य आरोपी का नाम भी सामने आया है, जो टीम के हत्थे नहीं चढ़ा। एसटीएफ मेरठ की टीम ने सीओ ब्रजेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में सॉल्वर गैंग के तीन सदस्यों को सोमवार सुबह उस समय दबोचा, जब वे किसी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने केंद्र में जाने का प्रयास कर रहे थे।
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पकड़े गए लोगों में गिरोह का सरगना मनीष पुत्र मंगलू निवासी मुजफ्फरपुर कमाला थाना सिंघावली अहीर, जिला बागपत, हाल निवासी अंसल टाउन मोदीपुरम मेरठ और दो सॉल्वर मेरठ जिले के भावनपुर निवासी सोनू उर्फ सोहनवीर पुत्र भंवर सिंह और दीपक राठी पुत्र सतीश कुमार शामिल हैं। सीओ के अनुसार पूछताछ में खतौली के इरशाद नामक एक अन्य सॉल्वर का नाम भी उजागर हुआ, जिसकी तलाश की गई, लेकिन वह टीम के हत्थे नहीं चढ़ा। उक्त तीनों के पास से एक कार, 13 एडमिट कार्ड, तीन आधार कार्ड, दो पेन कार्ड, दो वोटर कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस और 16,800 रुपये बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

13 अभ्यर्थियों से लिए गए थे रुपये       
मुजफ्फरनगर। एसटीएफ के हत्थे चढ़े सॉल्वर गैंग के गिरोह ने कुल 13 अभ्यर्थियों को पुलिस भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण कराने का सौदा तय किया हुुआ था। जिनके एडमिट कार्ड भी गिरोह के पास से बरामद किए गए हैं। इनके पास से बरामद किए गए आधार कार्ड, पेन कार्ड व अन्य दस्तावेज फर्जी होने की आशंका है, जिनकी जांच कराई जा रही है।
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खुद भर्ती की कोचिंग ले रहा है सॉल्वर गैंग का मुखिया             
पुलिस भर्ती परीक्षा में सोमवार सुबह मेरठ एसटीएफ के हत्थे चढ़े सॉल्वर गैंग का सरगना बीएससी उत्तीर्ण मनीष है। वह खुद नई दिल्ली में भर्ती की कोचिंग ले रहा है। एसटीएफ सीओ ब्रजेश प्रताप सिंह ने बताया कि अब तक की पूछताछ में मनीष के ही गैंग का सरगना होने की जानकारी मिल रही है, जो भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से मिलकर उनसे लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कराने का ठेका लेता था।

इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये लिए जाते थे। वहीं, अभ्यर्थियों के स्थान पर बैठने वाले सॉल्वर को इसमें से महज 25 से 30 हजार रुपये की धनराशि ही मिलती थी। सीओ के अनुसार, गिरोह का सरगना मनीष इससे पहले हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, जमानत पर आने के बाद वह दोबारा इस अवैध धंधे को विस्तार देने में लग गया।       

मनीष ही तैयार करता था फर्जी आईडी व एडमिट कार्ड
मुजफ्फरनगर। सॉल्वर गैंग का सरगना मनीष ही सॉल्वर्स के लिए अभ्यर्थियों के नाम वाली फर्जी आईडी व एडमिट कार्ड तैयार करता था। इन आईडी पर सॉल्वर्स के ऐसे फोटो लगाए जाते थे, जो धुंधले होते थे और प्रथम दृष्टया जांच में पकड़ में नहीं आ पाते थे। इन्हीं आईडी के जरिये सॉल्वर्स से अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दिलाई जाती थी।

अभ्यर्थियों से भी की जा रही थी धोखाधड़ी  
एसटीएफ की गिरफ्त में आए सॉल्वर गैंग द्वारा अभ्यर्थियों के साथ भी धोखाधड़ी की जा रही थी। सीओ ब्रजेश प्रताप सिंह ने बताया कि सॉल्वर गैंग के सरगना मनीष ने इस भर्ती परीक्षा में कुल 13 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण कराने का ठेका लिया हुआ है, जबकि गिरोह के पास फिलहाल उसे मिलाकर कुल चार ही सदस्य हैं। इनमें से वह खुद, सोहनवीर उर्फ सोनू व दीपक राठी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं, जबकि चौथा आरोपी खतौली का इरशाद है, जो एसटीएफ के हाथ नहीं लगा है। गिरोह के गिरफ्तार किए गए सदस्य एक बार में केवल चार ही अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे सकते हैं।

सोमवार को दो पालियों में मिलाकर केवल आठ अभ्यर्थियों के स्थान पर ही परीक्षा दी जा सकती थी, जबकि रुपये उन्होंने 13 अभ्यर्थियों से लिए हुए थे। इसके चलते अन्य सभी अभ्यर्थियों के साथ जानबूझकर धोखाधड़ी होती, जिसके रुपये भी किसी को लौटाए नहीं जाते। सीओ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही थी। वहीं, इरशाद की तलाश में दबिश दी जा रही है।

गिरोह के सदस्य सोहनवीर ने खुद भी दी थी परीक्षा  
मुजफ्फरनगर। एसटीएफ के हत्थे चढ़े सॉल्वर गैंग के सदस्य सोनू उर्फ सोहनवीर ने रविवार को आर्यसमाज रोड स्थित इस्मामिया इंटर कॉलेज में सोहनवीर के ही नाम से खुद के लिए परीक्षा दी थी। सोमवार को वह अरुण नाम से किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था, लेकिन इससे पहले ही वह एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। एसटीएफ सीओ ब्रजेश प्रताप सिंह ने बताया कि सोहनवीर ने अपनी दो नाम से आईडी बनाई हुई है। एक आईडी सोहनवीर और दूसरी आईडी अरुण के नाम से बनी हुई है। अपने लिए वह खुद के असली सोहनवीर के नाम से ही परीक्षा देता था और किसी ओर के लिए परीक्षा देते हुए अरुण नाम की फर्जी आईडी का इस्तेमाल करता था।      

चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। पुलिस परीक्षा भर्ती के दौरान एसटीएफ की गिरफ्त में आए पेपर सॉल्वर गैंग के चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसटीएफ के एसआई अरुण कुमार निगम द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मनीष, सोहनवीर, भंवर सिंह और दीपक राठी को गिरफ्तार दिखाया गया है। इंस्पेक्टर कोतवाली अनिल कपरवान ने बताया कि रिपोर्ट में खतौली निवासी इरशाद को फरार दर्शाया गया है। उक्त सभी के खिलाफ कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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