मुजफ्फरनगर। कचहरी में पेशी पर आए एक बंदी ने सिपाही की राइफल छीनकर पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। सुरक्षा में आए सिपाहियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए बंदी को मौके पर ही दबोच लिया। धींगामुश्ती के चलते चोट लगने से एक सिपाही जख्मी हो गया। सिविल लाइन थाने में सिपाही की ओर से आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिला कारागार से बुधवार को एडीजे-8 की कोर्ट में पेशी के लिए गैंगस्टर और हत्या के आरोपी रजत, श्रीकांत, सचिन और मोहित को लाया गया था। चारों ने एक वर्ष पूर्व जानसठ रोड पर अभिषेक पंडित नाम के युवक की हत्या की थी। ड्यूटी पर तैनात सिपाही धर्मेंद्र, ज्ञानेंद्र और विजयपाल दोपहर करीब डेढ़ बजे चारों को सदर हवालात पेशी के लिए लेकर चले।
एडीएम वित्त के आवास के बाहर रजत ने साथ चल रहे सिपाही धर्मेंद्र की राइफल छीनकर भागने का प्रयास किया। इसी बीच साथ चले रहे बाकी सिपाहियों ने फुर्ती दिखाते हुए रजत को तुरंत ही दबोच लिया। रजत तीनों सिपाहियों से भिड़ गया। धींगामुश्ती में धर्मेंद्र को चोट लग गई। सिपाही उसे पकड़कर सदर हवालात में लाए, जहां उसकी मरम्मत की गई। घटना से कचहरी में अफरातफरी मच गई।
सभी अधिकारियों के हाईवे पर लगे जाम में व्यस्त रहने के कारण बंदी के भागने के प्रयास की सूचना पर काफी देर बाद सीओ सिटी डॉ तेजवीर सिंह और एसओ सिविल लाइन भारी फोर्स के साथ कचहरी पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों से मामले की जानकारी ली।
सिपाहियों ने बताया कि आरोपी कारागार से आने के दौरान ही हंगामा करते आ रहे थे। धर्मेंद्र सिपाही की ओर से रजत के खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
जमानत के बाद भी क्यों भागा
पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास करने वाले रजत ने भागने का प्रयास क्यों किया, ये सवाल सभी के दिमाग में घूम रहा है। पुलिस की माने तो जिस हत्या के मामले में वह जेल में बंद है, उस मामले में उसकी बेल हो चुकी है। उसमें सिर्फ जमानत दाखिल की जानी है। कुछ ही दिन में वह बाहर आने वाला है। ऐसे में जब जमानत हो चुकी है तो भागा क्यों, इसका जवाब किसी के पास नहीं हैं।
बंदी कर सकता था बड़ा हादसा
सिपाहियों के अनुसार आरोपी बेहद शातिर है। उसने राइफल छीनने के साथ ही उसका लॉक खोल लिया था। यदि समय रहते उसे न दबोचा जाता तो वह पुलिस पर फायरिंग कर देता। ऐसे में सिपाही या वहां से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति को गोली लग सकती थी। गोली लगने से मामला और ज्यादा गंभीर हो सकता था।