मुजफ्फरनगर के स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन रिश्वत कांड में जांच बैठा दी गई है। मामले में कार्रवाई कर अफसरों ने डॉ एमआर सिंह को नोटिस देकर जवाब मांगा है। वहीं, अस्पताल में एक कालेज की ओर से इंटर्नशिप करे रहे डॉ अतीक को हटा दिया गया है। इसके अलावा भी कई अन्य चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस और मरीजों से उगाही के मामले रडार पर हैं। इनकी गोपनीय रूप से जांच पड़ताल शुरू की गई है।
जिला चिकित्सालय में गरीबों को इलाज कराना प्राइवेट अस्पतालों से भी महंगा पड़ रहा है। पिछले दो माह में मरीजों से खिलवाड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं। पहले नेत्र विभाग में आंदोलनकारी विजय से आपरेशन के लिए घूस मांगी गई थी। अब शामली के इकराम से उसकी बेटी के इलाज के लिए डॉ एमआर सिंह ने अपने सहयोगी डॉ अतीक के साथ मिलकर अवैध रूप से उगाही की थी। मामला उछला तो विभागीय अफसरों की भी नींद टूट गई। मंगलवार को मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर रुपये लेने वाले इंटर्नशिप डॉ अतीक को हटा दिया गया है। इसके साथ ही ऑर्थो विभाग के एचओडी डॉ एमआर सिंह के खिलाफ भी जांच बैठाई गई है।
डॉ एमआर को आला अफसरों ने नोटिस देकर जवाब मांगा है। रिश्वतकांड के लगातार मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। उधर, रिश्वतकांड के साथ प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ भी विभाग ने जांच शुरू की है। इसमें कई चिकित्सक रड़ार पर है, जो सरकारी पेशे के साथ प्राइवेट रूप से मरीजों को देखकर नियमों से खिलवाड़ कर रहे हैं। सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल ने बताया कि मरीजों से रुपये लेने के मामले में चिकित्सक के विरुद्ध जांच बैठाई गई है। उन्हें नोटिस देकर इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
किस कालेज से इंटर्नर हैं डॉ अतीक
मुजफ्फरनगर। डॉ अतीक ऑर्थो विभाग में एक कालेज से इंटर्नशिप पर चिकित्सकीय प्रशिक्षण ले रहे थे। हालांकि विभाग अफसर इस बात को बताने के लिए तैयार नहीं हैं कि डॉ अतीक किस कालेज से इंटर्नशिप कर रहे थे।