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सुलग रही है नफरत की चिंगारी 

Fri, 06 May 2016 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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खतौली में दोनों समुदायों के बीच हुए पथराव के बाद सड़क पर पड़े पत्थर। - फोटो : अमर उजाला
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खतौली में हुए बवाल के कारण एक बार फिर जिले में माहौल गरमा गया है। डीएम और एसएसपी ने मौके की नजाकत को समझा और भारी फोर्स मौके पर भेजकर हालात पर काबू पाया। छोटी-छोटी बातों पर दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ रहे हैं। पुलिस की मुस्तैदी के चलते जिला कई बार सांप्रदायिकता की चपेट में आने से बचा है।
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ई-रिक्शा में मामूली सी टक्कर क्या हुई कि खतौली में बवाल हो गया। दोनों संप्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए। एक-दूसरे पर पथराव किया और गोलियां बरसाईं। संघर्ष में कई लोग घायल हो गए। मिनटों में ही जंगल की आग की तरह झगड़े की खबर पूरे जिले में फैल गई। हालात बेकाबू होते देख डीएम और एसएसपी को खुद मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा।

दर्जन भर थानों का फोर्स और पीएसी को खतौली के लिए रवाना कर दिया। पिछली कुछ घटनाओं पर गौर करें तो ये सच सामने आएगा कि दंगे के बाद से ही दोनों समुदाय के लोगों में बर्दाश्त करने की क्षमता नहीं है। जरा सी बात पर मरने-मारने पर उतारू हो जाते हैं।  
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शेरनगर में साइकिल टकराने से दलित और मुस्लिम युवकों में जमकर बवाल हो गया था। संभलहेड़ा में मुस्लिमों की बारात की कार की साइड लड़की को क्या लगी थी कि दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। शहर के नया बांस में एक लड़की को दूसरे समुदाय के युवक के हाथ पकड़ने पर शहर में दो दिन बवाल रहा था। बुढ़ाना के उमरपुर में वलीमे की दावत के दौरान मेहमान को निकालने को लेकर दोनों पक्षों में जमकर लाठियां और ईंट पत्थर बरसे थे, कई लोग घायल हो गए थे। 

हर समय, हर पल जिले में सांप्रदायिक बवाल का भय लोगों में बना हुआ रहता है। पुलिस मुस्तैदी के चलते ही हर बार पुलिस बवाल पर काबू तो पा लेती है, लेकिन तनाव कम नहीं होता। वर्ष 2013 के दंगों के बाद से होने वाले हर बवाल के बाद लगता है अब हालात सुधरेंगे, लेकिन फिर कोई न कोई घटना दिलों में नफरत पैदा कर देती है।  

एसएसपी माइक से गुहार लगाते रहे 
खतौली। खतौली में ढ़ाकन चौक पर हुए हिंदू मुस्लिम बवाल के बाद शांति स्थापित करने के लिए एसएसपी केबी सिंह ने खुद ही माइक संभाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एसएसपी द्वारा लोगों को समझाया गया कि दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। एसएसपी के घंटा भर  चिल्लाने के बाद ही लोग मौके से सरकने शुरू हुए।
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