चरथावल। गांव सिकंदरपुर में राशन डीलर की अनियमितताओं की जांच करने पहुंचे आपूर्ति निरीक्षक के सामने प्रधान पक्ष और विपक्षी आमने-सामने आ गए।
दोनों पक्ष के लोगों में जमकर लाठी-डंडे चले। मारपीट में दो महिलाओं समेत 13 लोग घायल हो गए। मामला अलग-अलग समुदाय का होने के कारण गांव में अफरातफरी मच गई। गांव में तनाव के कारण एसडीएम सदर उज्ज्वल कुमार, डीएसओ मदन यादव और सीओ सदर अकील अहमद भारी फ़ोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
चुनावी रंजिश में सिकंदरपुर गांव में दूसरी बार दो समुदाय के लोग आमने-सामने आए हैं। प्रधान पति कर्म सिंह पक्ष के लोगों ने राशन डीलर संजय द्वारा की जा रही अनियमितता की शिकायत एसडीएम सदर से की थी। मंगलवार को आपूर्ति निरीक्षक अनुज कुमार सिंह प्राइमरी पाठशाला में जांच करने पहुंचे। दोनों पक्ष की महिलाएं जांच के दौरान अपने राशन कार्ड लेकर पहुंच गईं। आरोप है कि जांच से नाराज दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
कहासुनी मारपीट में बदल गई। दोनों तरफ से लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। संघर्ष में दोनों पक्ष के दर्जनभर लोग जख्मी हो गए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही प्रधान पक्ष के हमलावर फरार हो गए। डीलर पक्ष के लोग स्कूल में ही डटे रहे। एसओ ने मामले की नजाकत भाँपते हुए आला अफसरों को सूचना दी। सीओ सदर के नेतृत्व में पुरकाजी और छपार पुलिस को मौके पर बुला लिया गया। एसडीएम सदर और डीएसओ भी गांव पहुंचे। डीलर पक्ष की तरफ से महिला शादाब और मोहम्मद रजा को गंभीर चोट आने पर सीएससी से जिला चिकित्सालय भिजवाया गया।
जबकि आलम, शमीम, मोमिना नूर मोहम्मद और सलीम को चोटें आईं हैं। दूसरे पक्ष के गौतम, रोशनी, प्रमोद और लाखन को चोटें आई हैं। फिलहाल गांव में शांति है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। एसओ शोएब खान ने बताया कि मामले में किसी पक्ष से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। हालांकि प्रधान पति और डीलर को थाने में बैठा रखा है।
पूर्व नियोजित थी घटना
चरथावल। सिकंदरपुर प्रधानी की चुनावी रंजिश में एक बार फिर जलने से बच गया। इस बार कर्म सिंह अपनी पत्नी को जिताने में सफल हो गए थे। हारे प्रधान पक्ष के लोग राशन डीलर की हिमायत में जुटे थे। बताया जाता है कि मंगलवार को जांच के दौरान हुई घटना पूर्व नियोजित थी।
कुछ लोग पहले से ही लाठी डंडों से लैस थे। विदित हो कि तीन महीने पूर्व गांव में मांटेसरी स्कूल में छात्रा की पिटाई से दोनों समुदाय के लोगों में तनाव हो गया था। पुलिस प्रशासन की सतर्कता से मामला टल गया था। पुलिस अब गांव में दोनों पक्ष के लोगों को बड़ी संख्या में मुचलका पाबंद करने की तैयारी कर रही है।