मोरना। शुक्रताल स्थित खटीक धर्मशाला की निर्माणाधीन विवादित जगह पर कब्जे को लेकर भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस पहुंची तो भीड़ ने पथराव कर दिया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ खदेड़ी। एसडीएम जानसठ ने खटीक समाज के प्रतिनिधि मंडल से बैठक कर शांति की अपील की।
साथ ही सोमवार को तहसील में दोनों पक्ष बातचीत के लिए बुलाकर मामला निपटाने का भरोसा दिया। पौराणिक धर्मनगरी शुक्रताल में खटीक धर्मशाला की बाउंड्रीवाल को लेकर जगह पर दो पक्षों के दावे से बखेड़ा खड़ा हो गया है। भोपा थानाध्यक्ष पीतम सिंह ने बताया कि खटीक समाज की बाउंड्रीवाल से सटे 77 गज के प्लॉट पर बारह सालों से बाबा नाम का व्यक्ति चक्की चलाकर अपने परिवार का गुजारा किया करता था।
इस जगह को लेकर खटीक धर्मशाला की समिति ने बाबा पर कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। बाबा को 80 हजार देकर समिति ने अपने पक्ष में कर लिया। जिस पर एक अन्य पक्ष ने मकान बनाने को निर्माण कराना शुरू कर दिया। इसी बीच पूर्व प्रधान नीरज रायल ने आकर बताया कि यह प्लाट उसके रिश्तेदार राजेंद्र तोमर रजपुरा (मेरठ) के नाम है। साथ ही बैनामे की प्रतिकूल कॉपी दिखाई। विवाद को बढ़ता देख मामले को उच्चधिकारियो को अवगत कराया। सूचना के आधार पर रविवार को मौके पर भारी पुलिस बल के साथ दो पीएसी प्लाटून को तैनात कर दिया गया।
वहीं, खटीक धर्मशाला में वार्षिक उत्सव की बैठक के आयोजन के दौरान युवाओं ने नारेबाजी कर बाउंड्रीवाल की दीवार को गिराना शुरू कर दिया। जिसको रोकने को पुलिस बल पहुंचा। इस दौरान पुलिस पर पथराव कर किया। पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ खदेड़ी। इसके बाद पहुंचे एसडीएम उमेश मिश्रा और थानाध्यक्ष पीतम सिंह ने शांति बनाए रखने की अपील की।