घायल को अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस।
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मंसूरपुर में बैंक के गार्ड की खुद की बंदूक से अचानक ट्रिगर दबने से गोली चल गई। गोली चलने से बैंक के पास खड़े ग्रामीण को छर्रे लग गए। गोली चलने से दुकानदारों और लोगों में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने आनन-फानन में घायल ग्रामीण को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
मंसूरपुर में इंस्पेक्टर केपीएस चाहल सिपाहियों के साथ जीप लेकर सोमवार दोपहर 11 बजे के करीब बैंकों की चेकिंग करने निकले। कोआपरेटिव बैंक पर पहुंचे इंस्पेक्टर ने मुजफ्फरनगर के गांधी कालोनी निवासी गार्ड पाल्लेराम से सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा। इतना कहते ही गार्ड अपनी बंदूक के साथ छेड़छाड़ करने लगा। इंस्पेक्टर ने अपने हमराह सिपाही से गार्ड को बंदूक के साथ छेड़छाड़ करने से रोकने के लिए जीप से भेजा।
हमराह सिपाही गार्ड के पास तक पहुंच पाता, इससे पहले ही गार्ड से ट्रिगर दब गया। सिपाही ने फुर्ती से बैरल पर हाथ मार दिया, जिससे बंदूक से चली गोली जमीन में जा लगी और उसके छर्रे बैंक के पास खड़े गांव बेगराजपुर निवासी साबिर पुत्र मकसूद को जा लगी। गोली के तीन छर्रे साबिर के पेट, हाथ और पैर में लगे। छर्रे लगने से साबिर घायल हो गया।
गोली की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदारों और वहां से गुजरने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीण को छर्रे लगने से वह जख्मी हो गया। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने घायल ग्रामीण को बेगराजपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। साबिर को गोली लगने की खबर लगते ही परिजन और ग्रामीण मेडिकल पहुंच गए। घायल ग्रामीण की हालत ठीक बताई जा रही है। घायल की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
बड़ा भी हो सकता था हादसा
मंसूरपुर मिल रोड के अति व्यस्ततम इलाके में स्थित कोआपरेटिव बैंक में गार्ड के हाथों से उसकी बंदूक से चली गोली से बड़ा हादसा भी हो सकता था। ट्रिगर दबते ही ऐन वक्त पर अगर इंस्पेक्टर का हमराह सिपाही बैरल पर हाथ नहीं मारता तो गोली सीधे भी चल सकती थी और किसी को भी लग सकती थी। सिपाही की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया।