मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में मोबाइल फोन मिलने के मामले में शासन से अधिकारियों सहित करीब दर्जन भर कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। कर्मचारी खुद को बचाने के प्रयास में लगे हुए हैं। उधर, एसपी सिटी द्वारा पकड़े गए सिमों की जांच की जद में आए कई लोग भी मामले को दबवाने के लिए नेताओं के चक्कर काट रहे हैं।
जेल में पिछले रविवार को डीएम और एसएसपी ने भारी फोर्स के साथ सभी बैरकों में छापा मारकर उनकी तलाशी कराई थी। तलाशी के दौरान वहां से 22 मोबाइल और आधा किलो चरस मिली थी। इस मामले में नई मंडी कोतवाली में बंदी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में अगले दिन डीआईजी कारागार वीके शेखर ने जेल में जाकर मामले की जानकारी जुटाई थी और अपने सामने दोबारा से जेल की चेकिंग कराई थी।
डीआईजी ने मामले में शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। उसी दिन से जेल में दर्जनभर कर्मचारियों और अधिकारियों के चेहरों पर हवाईयां उड़ रही है। सूत्रों की मानें तो शासन की ओर से करीब एक दर्जन के लगभग कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। कारागार मंत्री ने भी मामले में सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी। वहीं दूसरी ओर एसपी सिटी संतोष मिश्रा उसी दिन से इस मामले में सिमों की आईडी और मोबाइल के ईएमआई नंबरों को निकलवा कर असली आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में जुटे हुए हैं। कुछ लोगों के नाम सामने भी आ गए हैं। पुलिस अभी नामों का खुलासा नहीं कर रही है।
जिन लोगों की आईडी बताई जा रही है, वो खुद को बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। नेताओं की शरण में जा रहे हैं और अधिकारियों से भी खुद को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। एसपी सिटी का कहना है कि एक-दो दिन के भीतर प्रकाश में आए लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।