जिला कारागार में फेसबुक पर वायरल हुई फोटो एक बंदी ने अपने भांजे को खुश करने के लिया खींची थी। बंदी ने ये बात जांच के दौरान दिए गए अपने बयान में स्वीकार की है। फोटो को कारागार से बाहर भेजने के बाद ही वायरल किया गया था। बाद में मामला सामने आने पर फोटो को फेसबुक से हटवा दिया गया है।
इसी माह जेल से बंदियों ने अपनी एक सेल्फी खींचकर उसे फेसबुक पर अपलोड किया था। अधिकारियों को मामले का पता चला तो जेल अधीक्षक ने मामले में बंदियों से पूछताछ कराई। सभी ने सेल्फी की बात स्वीकार कर ली। कारण पूछा गया तो कैराना निवासी एक बंदी ने अपने बयान में अधिकारियों को बताया कि पिछले दिनों उसके भांजे का जन्मदिन था।
उसे खुश करने के लिए उसने अपने साथियों के साथ सेल्फी ली और उसे फोन के माध्यम से ही अपने भांजे तक भिजवाया। उधर, भांजे ने फोटो मिलते ही फेसबुक पर अपलोड कर दिया। अपलोड होते ही सेल्फी सोशल मीडिया और अखबारों में सुर्खियां बन गई। जेल अधीक्षक ने मामले में गंभीरता दिखाई और जेलर से सभी बंदियों के बयान करवाए।
जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी की ओर से नई मंडी कोतवाली में गय्यूर, इनाम, दानियल, समीर और सरताज के खिलाफ बंदी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। जेल अधीक्षक के अनुसार मुकदमे की धाराओं में आरोपियों को छह-छह माह की कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
महिला बंदियों की मिलाई की अलग होगी व्यवस्था
जिला कारागार में महिला बंदियों की मिलाई की अलग से व्यवस्था की जा रही हैं। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि अभी तक कारागार के भीतर ही पुुरुष और महिला बंदियों की मिलाई का काम कराया जाता था।
इसमें महिला बंदियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। महिला जेल के बाहर ही नए अहाते का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसके तैयार होते ही महिलाओं की मिलाई आगे से यहीं हुआ करेगी। कारागार में करीब 60 महिला बंदी हैं, जिनमें से रोजाना करीब एक दर्जन की मिलाई होती है। महिला बंदी के साथ जो परिजन कारागार में बंद है, उन्हें महिलाओं को शनिवार को पुरानी तरह से ही मिलवाया जाया करेगा।