हत्याकांड के लिए हाईवे पर जाम लगाते लोग।
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कस्बा निवासी युवक जुल्फिकार पुत्र अकबर की 13 अगस्त 2014 को उत्तराखंड के गुरुकुल नारसन में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। मामले में मृतक के परिजनों ने उसके तीन साथियों पर हत्या का आरोप लगाकर मंगलौर कोतवाली मे मुकदमा दर्ज करा दिया था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। तीनों की कुछ दिन बाद जमानत हो गई थी। बाद में पुलिस ने अपनी विवेचना में घटना को सड़क दुर्घटना मानते हुए आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी।
मृतक की बाइक घटना वाले दिन से कस्बे में एक आरोपी के होटल के बाहर खड़ी थी। बाइक शु्क्रवार रात किसी ने चोरी कर ली। सुबह बाइक के चोरी होने का पता चला तो उसके परिजन बिफर पड़े और बाइक की बरामदगी को लेकर सुबह करीब 11 बजे हाईवे पर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना पर पहुंचे एसओ भानू प्रताप की जाम खुलवाने को लेकर लोगों से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर लोगों ने जाम खोल दिया।
पुलिस ने मृतक पक्ष की तहरीर पर कस्बे के ही हरश्याम गोयल और उनके दो पुत्रों अंशुल और विपुल के खिलाफ चोरी की धारा में मुकदमा दर्ज कर दिया है। सूचना पर पहुंचे सीओ सदर ने भी मामले की जानकारी ली। थाने आने वालों में मिया उस्मान, बाबर फरीदी, मुस्तकीम, मुस्तफा, इस्तखार, इरतजा, आजाद, जावेद सहित सैकड़ों महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे।