मंसूरपुर में एनएच-58 पर दिनदहाड़े तीन बदमाशों ने पिस्टल से फायरिंग करते हुए पेप्सी डिपो के मैनेजर और कैशियर से 6 लाख 68 हजार रुपये लूट लिए। बदमाश दो लैपटॉप और मोबाइल भी ले गए। दिनदहाड़े हुई घटना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने डॉग स्क्वायड और क्राइम ब्रांच टीम के साथ आसपास जांच-पड़ताल की।
मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी गौरव की नेशनल हाईवे पर जड़ौदा के पास आरके ट्रेडर्स कंपनी (पेप्सी डिपो) है। सोमवार सुबह डिपो के गेट पर बने ऑफिस में बुढ़ाना निवासी मैनेजर यशु गोयल और मेरठ निवासी कैशियर अंशुल काम कर रहे थे। ऑफिस के पीछे अन्य कर्मचारी माल लोडिंग करने में लगे हुए थे। दिन के करीब 11.15 बजे नीले कलर की बाइक पर तीन बदमाश डिपो के गेट पर पहुंचे।
इनमें से एक बदमाश ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। गेट पर बाइक खड़ी करके तीनों बदमाश दोनों हाथों में पिस्टल लेकर डिपो के अंदर आफिस में घुस गए। दो बदमाशों ने मैनेजर और कैशियर की कनपटी पर पिस्टल तान दी और एक बदमाशों ने आतंकित करने को पिस्टल से दो फायर किए। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए कैशियर से 6 लाख 68 हजार रुपये की नगदी के साथ आफिस में रखे दो लैपटॉप और दोनों के मोबाइल लूटकर बाइक पर बैठकर मुजफ्फरनगर की ओर फरार हो गए।
बदमाशों के भागने पर पीछे से कर्मचारी आफिस में पहुंचे। कर्मचारी इससे पहले कुछ कर पाते, बदमाश काफी दूर निकल चुके थे। करीब दस मिनट बाद मैनेजर ने कर्मचारियों के मोबाइल फोन से 100 नंबर पर कंट्रोल रूम को सूचना दी। लूट की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर सीओ शिवराज सिंह और इंस्पेक्टर अमरेश सिंह बघेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए हाईवे पर भागदौड़ भी की। इसके बावजूद बदमाशों का कहीं पता नहीं चल सका। सीओ ने डॉग स्क्वायड एवं क्राइम ब्रांच टीम को घटनास्थल पर बुलवाकर जांच पड़ताल कराई। डिपो के मालिक गौरव की ओर से पुलिस ने लूट की घटना का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डिपो से पहले भी कैश लूटा था
पेप्सी डिपो से तीन साल पूर्व भी रात के समय आधा दर्जन बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर तीन लाख रुपये का कैश लूट लिया था। पुलिस ने कुछ दिन बाद इस लूट की घटना का खुलासा कर दिया था। कैश लूटने में खतौली के तीन बदमाश निकले थे। इस कैश लूट में भी पुलिस के शक की सुई खतौली के कुछ बदमाशों के ईद-गिर्द घूम रही है। इंस्पेक्टर अमरेश सिंह बघेल का कहना है कि शीघ्र लूट का खुलासा कर दिया जाएगा।
बदमाशों को थी मोटा कैश होने की जानकारी
बदमाशों को डिपो में मोटा कैश होने की जानकारी थी। बाइक सवार जिस तीसरे बदमाश ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। वह बदमाश आसपास के इलाके का ही हो सकता है। पुलिस को शक है कि अधिक कैश होने की जानकारी बदमाशों को मिली थी। पुलिस के शक की सुई कुछ कर्मचारियों पर भी है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच-पड़ताल कर रही है। डिपो में तैनात कर्मचारियों की मोबाइल कॉल डिटेल भी निकलवाई जा रही हैं।