खतौली गंगनहर में किशोर को तलाश करते समय पीएसी के गोताखोरों को एक युवक शव मिला। मृतक की जेब के पर्स में मिले कागजातों से शव की शिनाख्त रुड़की के एक कालेज के क्लर्क के रुप में हुई। शव मिलने की जानकारी पर रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। रिश्तेदारों ने भी शव की पहचान की।
पुलिस के मुताबिक उत्तराखंड के जिला रुड़की के प्रीत विहार निवासी सुमेश शर्मा (52) पुत्र राजकिशन शर्मा रुड़की के ही मालवीय रोड पर स्थित मंगलनाथ सरस्वती विद्या मंदिर में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। यह कालेज इंटरमीडिएट तक का है।
पुलिस ने जांच पड़ताल करने पर बताया कि क्लर्क सुमेश शर्मा 10 मई की शाम को घर से खाना खाकर बाहर निकला था। उसी दिन देर शाम तक सुमेश शर्मा घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने थाना गंगनहर में पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उत्तराखंड पुलिस भी उसी दिन से सुमश शर्मा को तलाश करने में जुटी थी। शुक्रवार को पुलिस पीएसी के गोताखोरों के साथ मोटरबोट से गंगनहर में डूबे सादिक को तलाश कर रहे थे।
इसी दौरान मोहल्ला देवीदास के सामने गंगनहर में शव मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकाला। शव सादिक का नहीं था। पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मृतक की पेट की जेब से पर्स मिला। पर्स में विजिटिंग कार्ड व अन्य कागजातों पर लिखे मोबाइल नंबरों पर पुलिस ने बातचीत की।
पूछताछ करने पर पता चला कि यह शव रुड़की निवासी सुमेश शर्मा का है। शव मिलने की जानकारी मिलने पर कालेज का स्टाफ व रिश्तेदार कार द्वारा खतौली गंगनहर पर पहुंचे। रिश्तेदारों ने भी शव की पहचान सुमेश शर्मा के रुप में की।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्लर्क के गंगनहर में डूबने के कारण का पता नहीं चल सका है। पुलिस का मानना है कि पारिवारिक कलह के चलते सुमेश शर्मा ने गंगनहर में कूदकर आत्महत्या की है। मृतक की पत्नी एक कालेज में अध्यापक है।