मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार के इनामी रिहान के तार मुकीम काला गैंग से भी जुड़े थे। छह माह पहले कुल्हेड़ी के जंगल में पुलिस मुठभेड़ में जब पांच हजार का इनामी हाफिज पकड़ा गया, तब रिहान चकमा देकर फरार हो गया था। उसे शक था कि संजीदा उर्फ मोटी की मुखबिरी पर पुलिस ने उनकी घेराबंदी की थी।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव सोरम निवासी रिहान पुत्र नफीस की कुल्हेड़ी में आवाजाही थी। यहां मुकीम काला गैंग के हाफिज के साथ उसका जुड़ाव था। करीब छह महीने पहले कुल्हेड़ी में मुठभेड़ के बाद पकड़े गए पांच हजार के इनामी हाफिज का साथी रिहान मौके से फरार हो गया था।
कुल्हेड़ी निवासी महिला संजीदा पर मुखबिरी करने के शक था, जिस कारण वह उसकी जान का दुश्मन बन बैठा था। करीब पांच महीने पूर्व 10 दिसंबर को महिला के घर में घुसकर संजीदा पर गोलियां बरसाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस मामले में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।
पुलिस पर फायरिंग कर फरार होने और महिला पर कातिलाना हमले की घटनाओं में उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इसके अलावा चरथावल, तितावी समेत कई थानों में 14 मुकदमे लूटपाट, कातिलाना हमला, डकैती, हत्या आदि मामले उस पर दर्ज हैं। पुलिस द्वारा मुठभेड़ में ढेर करने के बाद संजीदा उर्फ मोटी ने राहत की सांस ली। दरअसल, वह रंजिशन में उसकी जान का दुश्मन बना था।
संजीदा को मारने आया था रिहान
चरथावल। मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात रिहान बृहस्पतिवार शाम को संजीदा को मारने आया था, मगर वह पुलिस मुठभेड़ में खुद ही मारा गया। पांच माह पहले गोलियों से घायल हुई संजीदा का उपचार मेरठ में चल रहा था। बृहस्पतिवार को संजीदा मेरठ से लौट रही थी।
रात करीब आठ बजे संजीदा बस से गांव हैबतपुर जा रही थी। रास्ते में बस स्टैंड पर उतरने के बाद दो बाइक सवार बदमाशों ने घेरकर उस पर हमला करने का प्रयास किया। उसने शोर मचाकर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दी। क्राइम ब्रांच की टीम और थाना पुलिस ने घेराबंदी करते हुए थाना क्षेत्र की सीमा पीनना रजबहे के पास घेर लिया। पुलिस ने मुठभेड़ में रिहान को मार गिराया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। बदमाश से .32 बोर का पिस्टल और एक 315 बोर का तमंचा तथा बाइक बरामद हुई है।
आठवां शिकार बना रिहान
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अनंत देव के करीब एक साल के कार्यकाल में पुलिस अभी तक मुठभेड़ में सात बदमाशों को मार चुकी थी। रिहान आठवां शिकार बना है।
मारे गए बदमाश
1-16 अगस्त 2017- मीरापुर के तुल्हेड़ी के जंगल में 50 हजार का इनामी नितिन पबरसा मारा गया था।
2-8 सितंबर 2017- ककरौली क्षेत्र में जटवाड़ा नहर के पास मुठभेड़ में 15 हजार का इनामी नदीम बागोवाली ढेर हुआ था।
3- 17 सितंबर 2017- खतौली में हाइवे पर मुठभेड़ के दौरान 20 हजार का इनामी दोघट निवासी जान मौहम्मद उर्फ जानू मारा गया था।
4- 23 अक्तूबर 2017- बुढ़ाना के जंगल में 50 हजार का इनामी फुरकान मारा गया।
5-30 दिसंबर 2017-जानसठ की भलवा चौकी के पास मुठभेड़ में एक लाख का इनामी शमीम सिसौना मारा गया।
6- 2 फरवरी 2018- मीरापुर के तुल्हेड़ी के जंगल में 25 हजार का इनामी इंद्रपाल मंसूरी मारा गया।
7- 6 फरवरी 2018- रोहाना के पास 50 हजार का इनामी विकास जाट मारा गया।
8-3 मई 2018- चरथावल क्षेत्र में पीनना रजवाहे के पास मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी रिहान मारा गया।