शहर कोतवाली में दस दिन पूर्व खालापार चौकी पर हुए बवाल के मामले में प्रशासन की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। रिपोर्ट में कुछ लोगों पर अपने निजी हितों के लिए माहौल खराब कराने की बात कही गई है। प्रशासन की रिपोर्ट से कुछ लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
खालापार चौकी पर भीड़ द्वारा की गई तोड़फोड़ के मामले में प्रशासन ने एक गोपनीय रिपोर्ट शासन को लखनऊ भेजी है। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में अधिकारियों ने शासन को अवगत कराया है कि बवाल पहले से ही प्रायोजित था। कुछ नेता और अन्य लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए जिले का माहौल खराब करना चाहते थे।
पुलिस की सख्ती के चलते कुछ लोगों के धंधे बंद हो गए। ऐसे लोगों ने पुलिस और प्रशासन को दबाव मेें लेने के लिए बवाल कराया। रिपोर्ट में करीब एक दर्जन लोगों और नेताओं के नाम भेजे गए हैं। बताते चलें कि दस दिन पूर्व शहर कोतवाली की खालापार चौकी पर धार्मिक टिप्पणी को लेकर भीड़ ने तोड़फोड़ कर दी थी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को संभाला था।
मामले की जांच की गई तो धार्मिक टिप्पणी की बात झूठी पाई गई। पुलिस ने मामले में छह लोगों को नामजद और करीब 50 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसी बीच सपा नेताओं ने लखनऊ पहुंचकर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से बात कर मामले में एक-दूसरे पर शहर का माहौल खराब करने का आरोप लगाया था। सपा सुप्रीमो ने भी अपने स्तर से मामले में जांच बैठा रखी है।