हत्याकांड की जानकारी देते एसएसपी।
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चर्चित कारोबारी यशपाल राठी के हत्यारे उसे किसी हालत में जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। शूटरों ने यशपाल को छह गोलियां मारी थीं। जाते समय वापस लौटकर राठी की गर्दन हिलाकर यह चेक किया था कि कहीं वह जिंदा तो नहीं है। शूटरों का आना-जाना फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है।
चर्चित कारोबारी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है, लेकिन कई सवाल अभी भी हैं। शातिर शूटर सद्दाम साथी मान सिंह और अन्य साथियों के साथ राठी की दुकान पर 25 जनवरी को पहुंचे और चाट खाई। सड़क पर राठी के आते ही सद्दाम और मान सिंह राठी के पास पहुंचे। पहले सद्दाम राठी के पास पहुुंचा और बोला, राठी जी राम-राम। राठी ने जैसे ही जवाब देना चाहा, शातिर ने उनकी ठोड़ी को पकड़ा और .30 की पिस्टल की छह गोलियां राठी के सिर में उतार दीं।
दोनों शातिर वहां से भागने लगे, लेकिन सद्दाम फिर से वापस पहुंचा और राठी की गर्दन को हिलाकर देखा। पूरी तरह से उसकी मौत से संतुष्ट होने के बाद आरोपी मौके से पैदल ही फरार हो गए। जिस तरह शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया गया है, उसमें मामला किसी बड़े गैंग से जुड़ा माना जा रहा था। पुलिस ने मामले में रंगदारी और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर भी छानबीन की।
पत्रकारों की भी होगी जांच
मुजफ्फरनगर। राठी के हत्यारोपियों की प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि वारदात में कुछ पत्रकारों की भूमिका भी सामने आई है। जनपद के कुछ पत्रकार अपराधियों को सूचनाएं लीक कर रहे हैं। ऐसे पत्रकारों की जांच की जा रही है।