मुजफ्फरनगर। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम ने एटीएस के साथ शहर के दो सराफा कारोबारी के यहां छापे की कार्रवाई की। टीम ने पहले दोनों की दुकानों पर छापे मारे। दस्तावेज एकत्र कर दोनों के घरों पर छापे की कार्रवाई की। सुबह से देर रात तक कार्रवाई जारी रही। पूरी कार्यवाही को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। हालांकि मामला सोने की तस्करी और हवाला से जुड़ा बताया जा रहा है। एनआईए के छापों से सराफा कारोबारियों में हड़कंप मचा है।
एनआईए और एटीएफ के अधिकारियों की टीम शनिवार सुबह कई वाहनों से शहर में पहुंची। विभाग के उच्चाधिकारियों ने एसएसपी को छापे के बारे में जानकारी देकर पुलिस बल उपलब्ध कराने को कहा। आदेश मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस भगत सिंह रोड और सर्राफा बाजार में पहुंच गई।
भारी तादाद में पुलिस बल को देख लोगों में अफरातफरी मच गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे टीम ने सबसे पहले भगत सिंह रोड पर सर्राफ आदिश जैन की दुकान अरिहंत ज्वैलर्स पर छापा मारा। दुकान से सभी दस्तावेज को अपने कब्जे में लेकर टीम ने दुकान बंद कराकर यहां फोर्स तैनात कर दी। टीम ने सराफा बाजार में सराफ अंकित गर्ग की दुकान पर छापे की कार्रवाई की। यहां से भी दस्तावेज कब्जे में लेकर दुकान बंद कराई। इसके बाद करीब 25 लोगों की टीम दो भागों में बटी।
एक टीम दीपचंद धर्मशाला वाली गली में आदिश जैन के घर और दूसरी टीम सर्राफा बाजार के मंडी कोहना स्थित मकान पर पहुंची। दोनों के मकानों पर टीमों ने छापे की कार्रवाई की। छापा पड़ने से सर्राफा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कुछ ने अपनी दुकानें बंद कर ली। मौके पर काफी लोग जमा हो गए, मगर जब एनआईए और एटीएस के छापा मारने की जानकारी हुई तो सभी वहां से खिसक लिए। दोनों के मकानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
टीम ने मौके पर लेखपाल और राजस्व कर्मचारियों को भी बुला लिया, ताकि उनकी मौजूदगी में दस्तावेजों की सही से छानबीन की जा सके। घर में मिले लैपटॉप और डायरियों को कब्जे में लिया गया है। एनआईए और एटीएस की टीम ने किसी भी सदस्य को मकान के बाहर नहीं निकलने दिया। सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू हुई छापे की कार्रवाई देर रात तक जारी रही। बताया जा रहा है कि सोने की तस्करी और हवाला को लेकर छापे की कार्रवाई उच्च स्तर से की गई है। चर्चा यह भी है कि नोटबंदी के दौरान सोने की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। हालांकि एनआईए और एटीएस की टीमें मुख्यत: आतंकी गतिविधियों के मामलों की छानबीन करती है। सर्राफा कारोबारियों से जुड़ा मामला क्या है, यह पुष्ट नहीं हो पाया है।
एसपी सिटी ओमवीर सिंह का कहना है कि एनआईए को किसी मामले में कोई इनपुट मिला है। इसी इनपुट के तहत ये छापे की कार्रवाई की जा रही है। एनआईए के अधिकारियों ने केवल पुलिस बल मुहैया कराने की बात कही थी, जो उपलब्ध करा दिया गया है।
आदिश जैन के बेटे की हालत बिगड़ी
मुजफ्फरनगर। सुबह से लेकर देर रात तक जारी रही छापे की कार्रवाई और लगातार पूछताछ से परिजनों की हालत भी बिगड़ गई। आदिश जैन के बड़े बेटे अंशुल जैन की अचानक तबियत खराब हो गई। छोटे बेटे शशांक जैन ने टीम से इस बारे में बताया, तब वह बाहर आया और मोहल्ले से ही डॉक्टर को बुलाकर लाया। डॉक्टर को भी पुलिस अपने साथ लेकर अंदर गई। जांच में पाया कि अंशुल जैन का बीपी बढऩे से उन्हें बेचैनी हो रही है। परिजनों ने मिन्नतें की तो टीम ने उसे डॉक्टर के यहां भिजवा दिया।
परिजनों को घरों में किया नजरबंद
एनआईए और एटीएस अफसरों की टीमों ने छापे की कार्रवाई के दौरान सराफ आदिश जैन और अंकित गर्ग के परिजनों को उनके ही घरों में नजरबंद कर दिया। सुबह जब छापे की कार्रवाई हुई तो तब तक इनके बच्चे स्कूल, कॉलेज जा चुके थे। टीम ने दोनों सर्राफ कारोबारियों और उनके परिजनों को घरों के अंदर से बाहर नहीं जाने दिया। पुलिस ने भी बाहर के लोगों को अंदर नहीं जाने दिया। टीम अंदर ही लगातार अपनी कार्रवाई में जुटी रही। टीम ने सभी परिजनों के मोबाइल फोन को भी अपने कब्जे में ले लिया, ताकि कोई किसी से बात न कर सके। छापे की कार्रवाई के दौरान टीम ने बाहर से किसी से खाने-पीने का सामान तक नहीं मंगवाया। दोपहर को जब बच्चे स्कूल, कॉलेज से आए तो उन्हें भी घर में कैद कर दिया गया। बच्चों को ट्यूशन भी नहीं जाने दिया गया। रात करीब सवा आठ बजे टीम ने आदिश जैन के मकान से निकलकर फिर से भगत सिंह रोड स्थित दुकान पर जाकर जांच-पड़ताल की। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने टीम से छापे की वजह जाननी चाही, मगर टीम ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।