मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने पीनना की बैंक डकैती का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर मीडिया के सामने पेश किया। आरोपियों से एक लाख 49 हजार की नगदी, तीन तमंचे और बाइक बरामद की गई है। शामली के इनामी बदमाश और मास्टरमाइंड विपुल खूनी ने बैंक लूट की पूरी पटकथा तैयार की थी। बाकी की रकम उसी के पास बताई जा रही है।
शहर कोतवाली के पीनना स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में 30 मई को दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने मैनेजर, कैशियर और चपरासी को बंधक बनाकर सात लाख 56 हजार की नगदी लूट ली थी। कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मामले के खुलासे में जुटी थी। शुक्रवार को पुलिस टीम ने बुढ़ाना मोड़ से तीन बदमाशों को पकड़ लिया। पकड़े गए बदमाशों को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया गया। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में पीनना निवासी नितिन उर्फ गांधी पुत्र मुकेश, मेरठ के थाना इंचौली के जमालपुर निवासी राहुल पुत्र समरपाल और सतेंद्र पुत्र सरदारा, निवासी दरगापुर झिंझाना शामली हाल निवासी विष्णुनगर थाना फरकपुर, यमुनानगर हरियाणा है। आरोपियों से लूटी गई रकम में से एक लाख 49 हजार की नगदी, दो तमंचे 315 बोर, चार कारतूस, तमंचा 312 बोर, तीन कारतूस और एक बाइक बरामद हुई है।
कप्तान ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने भभीसा निवासी इनामी बदमाश मास्टरमाइंड विपुल खूनी के कहने पर घटना को अंजाम दिया था। एसएसपी ने बताया कि नितिन, विपुल और एक अन्य बदमाश लूट करने के लिए बैंक के भीतर गए थे। बाकी गौरव पुत्र अरुण, निवासी चितसौना बीबीनगर जिला बुलंदशहर, सचिन उर्फ सीटू पुत्र रामअवतार निवासी चौधराण पट्टी बड़ौत बागपत और अनुज उर्फ मिंटू पुत्र वीरपाल निवासी पीनना शाखा के आसपास घूमते रहे। खूनी ने पकड़े गए बदमाशों को सिर्फ दो लाख रुपये दिए थे, जिनमें से कुछ खर्च करने के बाद बाकी की रकम पुलिस ने बरामद कर ली है। पकड़े गए तीनों बदमाशों के अलावा बाकी सभी नामजद आरोपी फरार हैं, जल्दी ही उनकी भी गिरफ्तारी हो जाएगी। पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट में धारा 394 को बदलकर 395 कर दिया है।
दो माह पूर्व रची थी लूट की साजिश
मुजफ्फरनगर। पीनना के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक लूट मामले की योजना दो माह पूर्व 8 अप्रैल को पीनना निवासी अनुज के घर पर बनी थी। अनुज का बैंक में काफी आना-जाना था। उसे पता था बैंक में कब और कितना कैश आता है। इसी ने सभी को बताया था कि बैंक लूट में आसानी से मोटा पैसा हाथ लग सकता है। घटना वाले दिन के कैश की जानकारी इसे थी और इसी ने सब को बताकर बुलाया था।
क्या है बड़ा काम
मुजफ्फरनगर। बैंक लूट में शामिल रहे विपुल खूनी के पास साढ़े पांच लाख की नगदी बताई जा रही है। बदमाश ने पकड़े गए आरोपियों को दो लाख की नगदी देकर कहा था कि बाकी रकम बाद में दी जाएगी। फिलहाल उसे एक बड़ा काम करना है। जानकारी से पुलिस के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। पुलिस जांच में जुटी है कि ऐसा कौना सा बड़ा काम है, जिसके लिए शातिर ने बाकी की रकम अपने पास रखी है।
बैंक कर्मचारियों को मिली क्लीनचिट
मुजफ्फरनगर। लूट के मामले में पुलिस ने बैंक के सफाई कर्मी को कई दिन तक हिरासत मेें रखकर पूछताछ की थी। वारदात के आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने बताया कि बैंक के किसी भी कर्मचारी की लूट में कोई संलिप्तता नहीं मिली है।