भोपा के गांव सीकरी में जिला पंचायत की चुनावी रंजिश की भेंट चढ़े लुफ्तुर्रहमान का शव शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। शव को देखकर परिजनों में चीत्कार मच गया। गमगीन और संगीनों के साए में लुफ्तुर्रहमान के शव को सुपुर्दे खाक किया गया। हत्याकांड से गांव में दूसरे दिन भी दहशत बरकरार रही। गांव के मौजूदा हालात को देखते हुए पीएसी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बृहस्पतिवार को सीकरी निवासी लुफ्तुर्रहमान की गोली मारकर हत्या कर गई थी, जब जब वह खेत में चारा काटने गया था। हत्याकांड के तार पुरानी चुनावी रंजिश से जुड़े होने से गांव में दहशत पसर गई। दस दिन में दो हत्या और जानलेवा हमलों के चलते गांव सीकरी में सन्नाटा छा गया है। गांव में दहशत का आलम ऐसा है कि स्कूलों में भी बच्चों की संख्या पर असर पड़ रहा है। किसान खेतों पर भी नहीं जा पा रहे है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को लुफ्तुर्रहमान का शव गांव पहुंचा।
दोपहर बाद पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में लुफ्तुर्रहमान का शव सुपुर्दे खाक किया गया। हत्यारोपियों का 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। गांव में दहशत के आलम देखते हुए पीएसी की एक बटालियन के साथ भोपा, ककरौली थाने की पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है। सीओ भोपा मोहम्मद रिजवान ने बताया कि गांव में पुलिस और पीएसी गश्त कर रही है। आरोपियों की तलाश में उनके ठिकानों के साथ रिश्तेदारों के यहां दबिश दी जा रही है।
दहशत में गांव छोड़ने की तैयारी
सीकरी में रंजिश के चलते खेली जा रही खून की होली से ग्रामीणों में भी भय बना हुआ है। 2015 से तो इस खूनी रंजिश ने पूरे गांव को जकड़ रखा है। कुछ लोग तो गांव के बिगड़े माहौल से बचकर गांव से पलायन करने की तैयारी में हैं। मृतक के भाई अजीज, चांद मियां ने कहा कि हमारा परिवार गरीब है।
एक भाई की हत्या कर दी गई है, अब हमारे पास गांव छोड़कर चला जाना ही एक मात्र उपाए है। वहीं, अज्जू, रियाज, आमिर, बबलू, कमरु, उस्मान, इनाम आदि गांव छोड़ कर अन्य स्थानों पर महनत मजदूरी करने लगे हैं। दहशत के चलते कुछ और लोग भी गांव छोड़ कर जाने की तैयारी में हैं। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि गांव से पलायन का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह से कोई गांव से जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।