जिला कारागार में बंद शातिर ब्रह्मसिंह कुरथल के नाम से खतौली के सराफ से 11 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को खतौली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। इन्होंने मिठाई के डिब्बे में रंगदारी का धमकी भरा पत्र और दो कारतूस रखकर सराफ से रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने ब्रह्मसिंह कुरथल को भी षड्यंत्र रचने का आरोपी बनाया है। एक फरार आरोपी की तलाश जारी है। पकड़े गए बदमाशों की पुलिस आपराधिक हिस्ट्री भी तलाश रही है। फिलहाल दोनों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस लाइन के सभागार में एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने उक्त मामले के खुलासे की जानकारी पत्रकारों को दी। बताया कि खतौली के सराफ अनिल जैन के यहां 14 जुलाई को इन बदमाशों ने एक मिठाई का डिब्बा भेजा था, जिसमें घेवर के साथ 12 बोर के दो कारतूस और एक रंगदारी भरा पत्र था। जिसमें लिखा था कि ब्रह्मसिंह कुरथल ने यह पत्र भिजवाया है, यदि 11 लाख रुपये नहीं दिए तो तुम्हारे बेटे की हत्या कर दी जाएगी।
सराफ ने पुलिस इस संबंध में जानकारी देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। खतौली इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने जांच-पड़ताल के आधार पर घेराबंदी कर खतौली गंगनगर पटरी मार्ग पर मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश राज सिंह पुत्र हरदेवा निवासी भूपखेड़ी और दुष्यंत पुत्र चमन सिंह निवासी रामपुर, रतनपुरी को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक बाइक, तमंचा और चाकू बरामद हुआ।
पूछताछ में इन्होंने सराफ अनिल जैन से 11 लाख की रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की। बताया कि आज वे अनिल जैन की दुकान पर फायर करने जा रहे थे, ताकि वह भयभीत होकर रंगदारी दे दे। एसपी सिटी ने बताया कि राज सिंह पेशी के दौरान ब्रह्मसिंह कुरथल से मिलता था। इसके बाद सिकंदरपुर के जयपाल के घर पर रंगदारी वसूलने की योजना बनाई थी। पुलिस जयपाल की तलाश में लगी हुई है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए बदमास
खतौली। सराफ से 11 लाख की रंगदारी मांगने वाले आरोपी दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। दुष्यंत खुद मिठाई का डिब्बा लेकर सराफ की दुकान पर रखने गया था। सराफ से एक ग्राम प्रधान का नाम लेकर कहा था कि यह मिठाई प्रधान लेकर चला जाएगा। किसी भी प्रधान के न आने पर सराफ ने डिब्बा खोलकर देखा तो उसमें घेवर, कारतूस और 11 लाख की रंगदारी का धमकी भरा पत्र मिला।
आरोपी दूसरे दिन फिर दुकान पर बहाने से पहुंचे और यह देखने आए कि डिब्बा उठाया या वहीं पर रखा है। दोनों बार आरोपी सर्राफ की दुकान में लगे सीसीटीवी टीवी कैमरे में कैद हो गए। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।