मुजफ्फरनगर। एनआईए के अफसर तंजील अहमद की हत्या के बाद आसपास के जिलों में भी अपराधियों की जड़ें खंगाली जा रही हैं। छानबीन में यह तथ्य सामने आया है कि वारदात वाले दिन एनआईए की एक टीम जिले में मौजूद थी। टीम क्यों आई, इस बारे में स्थानीय पुलिस को भी नहीं बताया गया। डीएसपी की हत्या के बाद टीम वापस लौट गई।
बिजनौर में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या के बाद आसपास के जनपदों में भी सुराग तलाशे जा रहे हैं। बाइक सवार शूटरों ने जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया। कुछ इसी अंदाज में अपराधी यहां भी वारदात करते रहे हैं। पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर खुफिया विभाग तक मामले में सक्रिय हो गया है। अपने-अपने तरीके से जांच-पड़ताल हो रही है। कुछ अपराधियों की गतिविधियों पर भी नजर है।
सूत्रों के मुताबिक छानबीन के दौरान यह जानकारी भी मिली कि शनिवार को जिस दिन बिजनौर में वारदात हुई, उस दिन एनआईए की एक टीम शहर में थी। टीम ने आला अफसरों से संपर्क तो किया लेकिन जिले में आने की वजह नहीं बताई। पुलिस के आला अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एनआईए की टीमें समय-समय पर अपने स्तर से छानबीन के लिए आती रहती हैं। टीम पिछले कई दिनों से ठहरी हुई थी। बिजनौर में डिप्टी एसपी की हत्या की सूचना के बाद टीम वापस लौट गई। स्थानीय अधिकारी अपने स्तर से यह जानकारी करने में जुटे हुए हैं कि टीम किस टोह में यहां आई थी।