मंसूरपुर। मंसूरपुर में सर्राफ दिनेश राणा से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने तथा पैसे नहीं देने पर बेटे चितरंजन को गोली मारने की घटना में पड़ोसी दुकानदार टेलर ही बदमाशों के लिए लगातार मुखबिरी कर रहा था। पुलिस ने बदमाशों की मुखबिरी करने तथा साजिश रचने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनका चालान किया है।
पुलिस ने आरोपी दुकानदार से मोबाइल सिम भी बरामद किया है, जिससे वह सर्राफ व उसके बेटे की मुखबिरी कर बदमाशों को फोन करके बताता था।
मिल मंसूरपुर निवासी सर्राफ दिनेश राणा द्वारा 20 लाख रुपये की रंगदारी नहीं देने पर बाइक सवार दो बदमाशों ने 9 मार्च को सर्राफ के बेटे चितरंजन को गोली मार दी थी। बदमाशों को पकड़ने की मांग को करते हुए व्यापारियों ने दो दिन तक बाजार बंद कर धरना दिया था।
एसएसपी केबी सिंह ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर एसओ व एक दरोगा को सस्पेंड कर दिया था। इंस्पेक्टर अमरेश सिंह बघेल ने पत्रकारों को बताया कि गांव जौहरा निवासी मिंटू पुत्र सतपाल, सर्राफ दिनेश राणा की दुकान के बराबर में ही टेलरिंग की दुकान करता है। बदमाशों को टेलर मिंटू ही लगातार सर्राफ व उसके बेटे की जानकारी दे रहा था। जिस दिन सर्राफ के बेटे को बदमाशों ने गोली मारी थी, उस दिन भी बदमाशों को उसकी फोन पर जानकारी दी थी। पुलिस ने टेलर को पकड़ कर उसके कब्जे से मोबाइल का वह सिम भी बरामद कर लिया है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि जानसठ क्षेत्र के गांव अहरोड़ा निवासी नीशू पुत्र विजयपाल ने बदमाशों के लिए मोबाइल खरीदकर दिया था तथा सरधना के गांव कालंदी के हाल मिल मंसूरपुर निवासी सोनू पुत्र भूंडे अपने नाम से सिम खरीदता था। इन दोनों ने मोबाइल व सिम जेल में ले जाकर बदमाशों को दिया था। बदमाश जेल के अंदर से उस मोबाइल से सर्राफ दिनेश राणा से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ धारा 307 व 120 बी का मामला दर्ज किया है।