आसाराम प्रकरण में अखिल गुप्ता की हत्या में आरोपी का सहयोग करने वाले शहर निवासी नीरज पुलिस के रडार पर आ गया है। सूत्रों की माने तो अभी तक की जांच में पुलिस के सामने इसका पूरा प्रोफाइल आ गया है, अब सिर्फ इसके हत्थे चढ़ने की बात बाकी है। वहीं दूसरी ओर, सीजेएम कोर्ट से मिले बी-वारंट को तामील कराने गई पुलिस पार्टी अभी तक वापस नहीं लौटी है।
आसाराम के रसोइए अखिल गुप्ता की 11 जनवरी-2015 को जानसठ रोड पर हत्या कर दी गई थी। आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म मामले में गवाही देने पर हुई इस हत्या के आरोपी कार्तिक हलदार को गुजरात एटीएस ने गत माह छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार किया था।
नई मंडी कोतवाली पुलिस ने अहमदाबाद जाकर कार्तिक से घटना के बारे में जानकारी ली तो उसने बताया कि शहर निवासी नीरज ने ही हत्या में हथियार, बाइक और रहने के लिए मकान की व्यवस्था कराई थी।
लेकिन कार्तिक उसके निवास आदि के बारे में कुछ नहीं बता पाया था। पुलिस उसी दिन से नीरज के गांव का पता लगाने में जुटी हुई थी। सूत्रों की माने तो उसका पूरा प्रोफाइल पुलिस के पास आ चुका है। पुलिस उसे घेरने की तैयारी में जुट गई है। गाजियाबाद के नंदगांव स्थित आश्रम में वह किताबों की दुकान चलाता था। कार्तिक के पकड़े जाने के बाद से ही वह गायब चल रहा हैं।
हालांकि पुलिस इस बारे में मुंह खोलने को तैयार नहीं है। मामला हाई प्रोफाइल होने के चलते अधिकारी और कर्मचारी कोई भी पुष्टि करने से बचते रहते है। वहीं दूसरी ओर, गत सोमवार को कार्तिक का बी-वारंट रिसीव कराने के लिए अहमदाबाद की साबरमती जेल गई पुलिस टीम अभी तक वापस नहीं लौटी है।