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गौवंश तस्करों को तीन साल की सजा 

Tue, 26 Jul 2016 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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कोर्ट लोगो - फोटो : Demo
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एडीजे सप्तम की कोर्ट ने  दो गौवंश तस्करों को तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना  भोपा पर उप निरीक्षक राजेन्द्र सिंह भड़ाना ने 30 जनवरी 2011 गौवंश अधिनियम का मुकदमा  दर्ज कराया था।   
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उप निरीक्षक ने निरगाजनी झाल के पास से चेकिंग के दौरान ट्रक में ले जाए जा रहे नौ बैलों को मुक्त कराया था। मौके से  दो अभियुक्त तनवीर पुत्र रियाज निवासी बरला थाना छपार व शकील पुत्र अमीर निवासी भोकरहेड़ी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।   इस मुकदमे की  सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु की अदालत संख्या 7 में हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार शर्मा  ने 4 गवाह और सुबूत पेश किए। न्यायाधीश ने  दोनों पक्षों को सुनते हुए तनवीर और शकील को दोषी करार देते हुए धारा 3/8 गौवध निवारण  अधिनियम के तहत तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपयों का जुर्माना की सजा सुनाई  है।
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लूट के मामले में सात साल की सजा
एडीजे प्रथम की कोर्ट ने लूटपाट के दौरान पकड़े गए एक अभियुक्त को सात साल के कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा  सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना बुढ़ाना पर मिश्रीनाथ पुत्र काशी नाथ निवासी  पानीपत ने मुकदमा दर्ज  कराया था। वह बुढ़ाना में रात्री में अपने परिवार के साथ सो रहा था। तभी चार बदमाश लूट के इरादे से आए और लूट का विरोध करने पर फायरिंग कर दी, जिसमें धर्मपालनाथ, सतबीरनाथ, जयनाथ गोली लगने से घायल हो गए।   तभी जाग होने पर लूट करने आये बदमाशों में  एक बदमाश इत्तेखार पुत्र यामीन निवासी सफीपुर पट्टी बुढाना को नागरिकों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था, जिसके पास से देशी तमंचा और लूट की रकम बरामद हुई  थी। इस मुकदमें की सुनवाई एडीजे प्रथम दिनेश चन्द्र सिंह  की अदालत में हुई। सहायक  जिला शासकीय  अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में 7 गवाह और सुबूत पेश किए।   न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त इत्तेखार को  लूट व हत्या के प्रयास के मामले में दोषी करार देते हुए धारा 307 के तहत 7 वर्ष  का कारावास व 10 हजार रुपया का जुर्माना, धारा 382 के तहत 7 वर्ष का  कारावास व10 हजार रुपया जुर्माना, धारा 459 के तहत 7 वर्ष का कारावास व 10  हजार रुपया जुर्माना ,धारा 457 के तहत 5 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपया  जुर्माना, धारा 411 के तहत 5 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत  ने जुर्माना की आधी रकम पीड़ित पक्ष को दिए जाने का आदेश भी दिया है। 
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