नसीरपुर के सांप्रदायिक बवाल की गूंज पूरे दिन लखनऊ तक गूंजती रही। आला अफसर पल-पल की जानकारी देते नजर आए। डीआईजी ने मृतक छात्र के घर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और अधीनस्थों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। हालात पर काबू रखने के लिए गांव को छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया है।
नईमंडी कोतवाली के नसीरपुर में हुए सांप्रदायिक बवाल में छात्र आकाश की मौत के बाद उपजे तनाव को देखते हुए अफसरों के हाथ पांव फूले गए। मंगलवार सुबह से ही लखनऊ से फोन पर अफसरों से मामले की पल-पल की जानकारी ली जाती रही। डीआईजी ने सुबह गांव में मृतक छात्र के घर पहुंचकर उनके परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का परिजनों को आश्वासन दिया।
डीआईजी ने कप्तान अनंत देव को जरूरी दिशा निर्देश दिए। शासन के आदेश पर रात में मेरठ और बागपत का पुलिस फोर्स नसीरपुर गांव में बुलवा लिया गया था। भारी संख्या में अर्द्धसैनिक बल और पीएसी की तैनाती गांव में कर दी गई थी। सभी सीओ के अलावा जनपद के सभी थाना प्रभारियों को नसीरपुर में तैनात कर दिया गया था। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां रात में ही गांव मेें खड़ी कर दी गई थीं। भारी संख्या में महिला पुलिस को मृतक के घर के आसपास तैनात किया गया था।
सुभाष नगर से लेकर नसीरपुर तक जाने वाले पूर्र मार्ग पर फोर्स तैनात कर दी गई थी। गांव के तमाम रास्ते, घर और घेरों के बाहर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान नजर आ रहे थे। आरोपी के घर में आगजनी के बाद मृतक और आरोपी के घर के आसपास की सुरक्षा को और ज्यादा बढ़ा दिया गया था। पूरे दिन नसीरपुर गांव की फोर्स ने किलेबंदी किए रखी।
नसीरपुर में गम और गुस्से का माहौल
नसीरपुर की घटना के बाद गांव में गम और गुस्से का माहौल है। गलियां सुनसान हैं और पुलिस के बूटों की आवाज सन्नाटे को चीर रही हैं। वारदात के बाद से ही आरोपी पक्ष के लोग घरों पर ताले लगाकर फरार हो गए हैं। घर में बंद पशु रंभा रहे हैं। मृतक छात्र आकाश के घर से रुक-रुककर चीखने की आवाजें बाहर आ रही हैं। गांव के लोगों में पुलिस और जनप्रतिनिधियों के प्रति गुस्सा भी साफ झलकता दिखाई दिया।
नसीरपुर गांव में सोमवार रात जो कुछ हुआ, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। बवाल के बाद एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। पुलिस के आला अफसरों का पूरा जोर इस बात पर रहा कि विवाद की चिंगारी आगे न बढ़े। ब्रजपाल के भाई हरवीर की ओर से छह लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
सभी आरोपी परिवार के लोग महिलाएं और बच्चे तक रात में ही घरों पर ताले लगाकर जंगलों के रास्ते फरार हो गए। आगे कोई अनहोनी न हो, अफसरों ने हर घर के बाहर पुलिस का पहरा बैठा रखा है। मंगलवार दोपहर आकाश का शव गांव पहुंची तो भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। सुरक्षा के लिहाज से आरोपियों को किसी बाहर के थाने में रखा गया है।
हमारे बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था
गांव में ब्रजपाल के घर लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। आकाश की मां कोमल देवी बेटे के लिए दहाड़े मार-मारकर रो रही हैं। उसकी मां ने कहा कि हमारे बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था। साथ में बैठी महिलाएं उसे ढांढस बंधा रही हैं। गांव पहुंचे सत्तासीन नेताओं के समक्ष ग्रामीणों ने काफी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि योगी की सरकार बनने से भी कानून का इकबाल नहीं है।
नसीरपुर में ब्रजपाल और शहजाद के मकान आमने-सामने हैं। ब्रजपाल के मकान के पानी का पाइप शहजाद के घर के गेट के सामने है। दोनों पक्षों में इस बात को लेकर अक्सर तनातनी रहती थी। कई बार मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। सोमवार रात करीब आठ बजे दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों के बैठक हुई। मंगलवार को पाइप के सामने टी लगाने की बात पर सहमति बन गई थी।
मृतक पक्ष के अनुसार कुछ देर बाद शहजाद पक्ष ने केबिल को लेकर गाली-गलौज कर दी। इसके बाद देर रात अचानक शहजाद पक्ष और ब्रजपाल पक्ष में भिड़ंत हो गई। लाठी-डंडे चलने के बाद फायरिंग होने लगी। पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ। पुलिस को देख शहजाद पक्ष के लोग मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने 25 को हिरासत में लिया
नसीरपुर के आकाश की हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के दूसरे संप्रदाय के 25 लोगों को उठा रखा है। सभी नईमंडी कोजवाली की हवालात में बैठे हैं। हिरासत में लिए गए लोगों के अनुसार पुलिस धोखे से उन्हें पकड़कर लाई है। वह मस्जिद से नमाज पढ़कर निकल रहे थे। बाहर पुलिस मिली और कहने लगी कि गांव का माहौल खराब है, इसलिए आप गाड़ियों में बैठ जाओ। जैसे ही लोग गाड़ी मेें बैठे, पुलिस ने सभी को ले जाकर हवालात में बंद कर दिया।