तीन बदमाश अगर बुढ़ाना पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ते तो आज उन्हें पुलिस कस्टडी में बिल्लू प्रधान की हत्या को अंजाम देना था। आजमगढ़ से बिल्लू को आज पेशी पर कोर्ट में आना था। बदमाशों ने हथियार और गाड़ी का पहले से इंतजाम कर रखा था, लेकिन ऐन वक्त पर बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनके पास से पकड़ी गई कार भी सहारनपुर से लूटी हुई निकली।
एसपी देहात विनीत भटनागर ने बताया कि पकड़े गए बदमाश विवेक और प्रधान के पति प्रवीण उर्फ बिल्लू प्रधान के बीच काफी दिनों से रंजिश चली आ रही है। दो वर्ष पूर्व शामली में विवेक के भाई राहुल की हत्या कर दी गई थी। मामले की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज की गई थी। हालांकि उस समय बिल्लू प्रधान जेल में बंद था, लेकिन विवेचना में इसका नाम भी जोड़ दिया गया था। विवेक हत्या का बदला लेने की फिराक में था।
आजमगढ़ जेल से बृहस्पतिवार को बिल्लू को शहर कोर्ट में पेेशी पर आना था। पुलिस कस्टडी में ही ंबदमाशों ने उसकी हत्या की साजिश रच रखी थी। इससे पूर्व ही तीनों बदमाश पकड़े गए। बुढ़ाना इंस्पेक्टर डीके त्यागी की टीम को तीनों बदमाश बड़ौत रोड पर चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़े। पकड़े गए बदमाश विवेक पुत्र ओमसिंह निवासी मुंडभर भौराकलां, विक्रांत पुत्र सतीश निवासी कुतुबगढ़ थाना थानाभवन और तीसरा बदमाश मोनू बालियान पुत्र ओमवीर सिंह निवासी गोयला थाना शाहपुर हैं।
बदमाशों से पुलिस ने पिस्टल .32 बोर, एक पिस्टल 9 एमएम, तमंचा और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों से पुलिस को सहारनपुर के गागलहेड़ी थाने से 20 अप्रैल 2017 को लूटी गई कार भी मिली है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों को हथियार और कारतूस सप्लाई करने वाला आरोपी हारुन निवासी जौला, फिलहाल निवासी जमना नगर मेरठ फरार है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों की बुढ़ाना गन्ना सोसायटी का कैश लूटने की भी योजना थी। पकड़ा गया विवेक दिल्ली से लूट की वारदात में फरार चल रहा है।
सीबीआई ने दी थी बिल्लू को क्लीनचिट
मुजफ्फरनगर। पकड़े गए बदमाशों ने मुंडभर के जिस प्रधान के पति प्रवीण उर्फ बिल्लू की हत्या की योजना बनाई थी, उसका नाम रिया चौधरी हत्याकांड में भी आया था। दस मार्च 2014 को जमीन विवाद में मुंडभर में सुरेश के घर में घुसे हमलावरों ने हमला कर दिया था। सुरेश के बचाने आई उसकी बेटी रिया चौधरी की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
मामले में सुनील, ललित, रोहताश और बिल्लू प्रधान को नामजद किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की सीबीआई से जांच कराई गई थी। सीबीआई ने एडीजे कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर तीनों आरोपियों को दोषी साबित किया था और बिल्लू प्रधान को क्लीनचिट दी थी। रिया के पिता सुरेश ने सीबीआई जांच पर संशय जताते हुए दोबारा जांच की मांग की थी।
रिया को मिला था वीरता पुरस्कार
मुजफ्फरनगर। पिता को बचाते हुए मौत का शिकार हुई रिया चौधरी को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मरणोपरांत राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया था। पुरस्कार उसकी मां अनीता ने ग्रहण किया था। रिया लालू खेड़ी के ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्रा थी।