चौसाना (शामली)। गढ़ी हसनपुर में मकान विवाद पर दो पक्षों में हुए संघर्ष में एक युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना को लेकर गांव में तनाव व्याप्त हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस की शह पर हमला किया गया।
झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी हसनपुर में अलीम पुत्र यामीन ने मामा रहमान आदि से रहने के लिये मकान लिया था। अलीम मकान में करीब पंद्रह वर्षों से रह रहा था। अलीम का दावा था कि रहमान से उसने 25 हजार रुपये देकर मकान खरीदा है। उधर, रहमान मकान पर अपना दावा पेेश कर रहा था।
अलीम पक्ष ने रहमान से तंग आकर मामले को कोर्ट में चुनौती दी तो कोर्ट ने रहमान पक्ष को नोटिस जारी किए। रविवार को रहमान पक्ष के अकरम, अरशद व नेहा पत्नी रहमान आदि ने करीब एक दर्जन साथियों के साथ मिलकर दोपहर करीब तीन बजे अलीम के परिवार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
अलीम व उसका छोटा भाई नासिर संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि मरगूब, नौशाद, पड़ोसी महबूब को भी चोटें आई हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। उधर, शामली जिला अस्पताल ले जाने पर उपचार के दौरान अलीम ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद पुलिस मौके से लौट आई। इसके बाद भी रहमान पक्ष के लोगों ने अलीम के परिवार की महिलाओं पर कहर बरपाया और घर में रखा सामान बाहर फेंक दिया तथा मकान पर कब्जा कर लिया। बता दें कोर्ट में चल रहे मुकदमे में अलीम वादी है। आरोप है कि घटना के बाद जैसे ही पीड़ित परिवार चौकी पहुंचा तो प्रभारी तेजवीर सिह यादव ने उन्हें धमकाकर बाहर कर दिया।
पुलिस की शह पर हुआ हमला
अलीम पक्ष के लोगों का कहना है कि हमले के दौरान चौसाना चौकी प्रभारी तेजवीर सिह यादव रहमान व उसके पिता के संग चौसाना के सपा कार्यकर्ता के घर पर खाना खा रहे थे। आरोप है कि उसी दौरान वहां बैठकर अलीम के परिवार पर हमले की साजिश रची गई। पीड़ित परिवार ने घटना के संबंध में डीआईजी एके राघव को भी कॉल कर अवगत कराया है।
पीएचसी व सीएचसी पर लटका था ताला
घटना के बाद जिस समय पीड़ित ऊन चिकित्सालय पहुंचे तो वहां ताला लटका था। बाद में पीड़ित झिंझाना अस्पताल गए, लेकिन वहां भी निराशा हाथ लगी। झिंझाना सीएचसी पर भी ताला जड़ा हुआ था।
पीड़ितों पर ही चला पुलिस का डंडा
कंट्रोल रूम की सूचना के बाद पुलिस कुछ समय देर से पहुंची तो पीड़ित परिवार ने खरीखोटी सुना दी, जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों के सामने ही मानवता की सारी हदें पार कर पीड़ित परिवार के युवक पर ही डंडा चलाया।